जरुरी जानकारी | सरसों, बिनौला में गिरावट, बाकी तेल तिलहन पूर्वस्तर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया और शिकागो एक्सचेंजों के शनिवार को बंद रहने के बीच दिल्ली बाजार कामकाज सुस्त रहा तथा सरसों तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में आई गिरावट को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 19 अगस्त मलेशिया और शिकागो एक्सचेंजों के शनिवार को बंद रहने के बीच दिल्ली बाजार कामकाज सुस्त रहा तथा सरसों तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में आई गिरावट को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में कल शाम का कारोबार बंद रहा था।
बाजार सूत्रों ने कहा कि आयातित खाद्यतेलों के भाव से सरसों तेल का भाव 15-20 रुपये किलो ऊंचा होने की वजह से सरसों खप नहीं रहा है। वास्तव में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अधिक रखे जाने के कारण आयातित सूरजमुखी और सोयाबीन तेल भी उपभोक्ताओं को महंगा ही खरीदना पड़ रहा है।
इस सप्ताह विदेशों में सोयाबीन तेल के दाम 1,000-1,010 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 1,080-1,090 डॉलर प्रति टन हो गया फिर भी बंदरगाहों पर बैंकों का ऋण साखपत्र (लेटर आफ क्रेडिट या ‘एलसी’) घुमाते रहने के लिए आयातक सूरजमुखी और सोयाबीन तेल आयात लागत से कम दाम पर बेच रहे हैं।
आयात होने वाले सोयाबीन तेल के दाम में पूरे हफ्ते के दौरान सात रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इससे बैंकों और देश के तेल उद्योग के साथ साथ तिलहन किसानों को तो नुकसान हो ही रहा है, उपभोक्ताओं को भी सस्ता खाद्यतेल, महंगा मिल रहा है।
सूत्रों ने कहा कि अच्छे गुणवत्ता वाले बिनौले की कमी है और इसमें कामकाज काफी कमजोर है। इसलिए इसके भाव में भी गिरावट देखी गई जबकि बाकी तेल तिलहनों के भाव सुस्त कारोबार के बीच पूर्वस्तर पर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि एमआरपी कम करवाने के लिए सरकार को ठोस व्यवस्था करनी होगी नहीं तो ग्राहकों को खाद्यतेल महंगा ही मिलता रहेगा। थोक दाम जरूर कम हुए हैं पर इसका लाभ उपभोक्ताओं को कैसे मिले इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। बैठकों के बाद ऐसी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है जिससे खुदरा बाजार में भी ग्राहकों को सस्ते में खाद्यतेल मिले।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,685-5,735 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,865-7,915 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,735-3,020 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,790 -1,885 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,790 -1,900 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,225 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,525 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,090-5,185 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,855-4,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2023 04:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

