जरुरी जानकारी | रिण पुनर्गठन: एफआईडीसी ने एनबीएफसी के लिये अतिरिक्त प्रावधान समाप्त करने का सुझाव दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘वित्त उद्योग विकास परिषद (एफआईडीसी) ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक बारगी रिण पुनर्गठन योजना के तहत पुनर्गठित किये गये खातों पर अतिरिक्त प्रावधान आवश्यकता को समाप्त करने का आग्रह किया है।
मुंबई, सात सितंबर गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘वित्त उद्योग विकास परिषद (एफआईडीसी) ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक बारगी रिण पुनर्गठन योजना के तहत पुनर्गठित किये गये खातों पर अतिरिक्त प्रावधान आवश्यकता को समाप्त करने का आग्रह किया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अगस्त में कोविड- 19 महामारी के मद्देनजर कंपनियों और व्यक्तियों के कर्ज की एकबारगी पुनर्गठन योजना की अनुमति दी है। इस योजना के तहत जिन खातों का पुनर्गठन किया जायेगा उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रावधान किया जाना है।
यह भी पढ़े | Dr Tsering Landol: लद्दाख की पहली महिला डॉक्टर, माइनस 35 डिग्री तापमान में करती थीं मरीजों की सेवा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे पत्र में एफआईडीसी ने कहा है कि गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को रिण नुकसान के मामले में भारतीय लेखा मानक नियमों का भी अनुपालन करना होता है और इन नियमों के तहत प्रावधान रिजर्व बैंक के नियम से कहीं ऊंचा है।
सीतारमण ने पिछले सप्ताह ही बैंकों और एनबीएफसी के प्रमुखों के साथ एक बारगी रिण पुनर्गठन योजना को लेकर समीक्षा बैठक की है। सीतारमण ने बैंकों और एनबीएफसी से कोविड- 19 संबंधी रिण पुनर्गठन योजना पर तेजी से काम करने और 15 सितंबर को योजना जारी करने को कहा है। उन्होंने बैंक किस्त पर दी गई छूट समाप्त होने के बाद कर्जदारों उपयुक्त सहायता और समर्थन देने को भी कहा।
यह भी पढ़े | उत्तर प्रदेश: डॉक्टर कफील खान कांग्रेस के करीब, पार्टी में हो सकते हैं शामिल.
सीतारमण ने कर्जदाताओं से दबाव झेल कर्जदारों की परेशानी के समाधान के लिये उनके निदेशक मंडल से मंजूरी प्राप्त समाधान योजना भी जल्द पेश करने को कहा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)