औरंगाबाद, आठ मई महाराष्ट्र के औरंगाबाद से सांसद इम्तियाज जलील ने राज्य में मालगाड़ी की चपेट में आकर हुई 16 प्रवासी मजदूरों की मौत को शुक्रवार को ‘‘हत्या’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों की ‘‘दुर्दशा की अनदेखी’’ करने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने चाहिए।
मध्य प्रदेश लौट रहे 16 प्रवासी मजदूर औरंगाबाद से लगभग 30 किलोमीटर दूर कर्माड के नजदीक आज सुबह उस समय मालगाड़ी की चपेट में आ गए जब वे पटरियों पर सोए हुए थे।
मजलिस ए इत्तेहाद उल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) के नेता जलील ने कहा, ‘‘16 प्रवासी मजदूरों की मौत, हत्या का मामला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘फंसे मजदूरों की दुर्दशा की अनदेखी करने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय और राज्य सरकार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने चाहिए।’’
सांसद ने कहा, ‘‘पैदल या साइकिल से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल या झारखंड की ओर जाते प्रवासी मजदूरों की वीडियो फुटेज मैंने व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ट्वीट की थीं, लेकिन उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अपने परिवारों के पास लौटने की इच्छा रखनेवाले गरीबों के दुखों के प्रति मूकदर्शक बनी रही है।’’
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