देश की खबरें | युवती से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गतिरोध समाप्त

जयपुर, 23 जून बीकानेर जिले में दलित युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार और प्रशासन के बीच गतिरोध शुक्रवार शाम समाप्त हो गया, जिसके बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।

बीकानेर के संभागीय आयुक्त ने यह जानकारी दी।

बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस प्रशासन और परिजन के बीच कई दौर की बातचीत के बाद शाम को परिजन शव को लेने के लिए राजी हो गये।

उन्होंने बताया कि खाजूवाला पुलिस थाने के एक पूर्व थानाधिकारी अरविंद सिंह शेखावत को निलंबित कर दिया गया और थाने का अधिकांश स्टाफ बदल दिया गया है।

पूर्व थानाधिकारी की भूमिका पर उन्होंने कहा कि कुछ वीडियो थे जिनमें वह मुख्य आरोपी के साथ नजर आ रहे थे, परिजन ने उन पर (पूर्व थानाधिकारी) आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा, ‘‘अपराध में शामिल और सबूत नष्ट करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। खाजूवाला थाने में तैनात अधिकतर पुलिसकर्मियों को बदला जा रहा है। आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया गया।''

उन्होंने कहा कि शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

परिजनों से बातचीत के दौरान बीकानेर के संभागीय आयुक्त के अलावा बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश, बीकानेर की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।

इससे पहले बीकानेर की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मामले में शामिल आरोपी एक पुलिस कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार इस अपराध में दो पुलिस कांस्टेबल समेत तीन लोग आरोपी हैं।

पुलिस ने बताया कि खाजूवाला पुलिस थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल को मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद निलंबित कर हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी दिनेश विश्नोई अभी भी फरार है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कांस्टेबल मनोज को बर्खास्त करने का फैसला बृहस्पतिवार देर रात लिया गया।

उन्होंने बताया कि एक वीडियो सामने आया जिसमें कांस्टेबल मनोज पीड़िता को मुख्य आरोपी दिनेश विश्नोई के साथ कार में ले जाता दिख रहा है, जिसके आधार पर कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि दूसरे कांस्टेबल भागीरथ की भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है।

इस बीच भाजपा के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बीकानेर जिले के खाजूवाला का दौरा किया और पीडित परिवार से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल अजमेर दक्षिण से विधायक अनिता भदेल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।

जयपुर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की ऐसी घटनाओं की एक लंबी सूची है लेकिन मुख्यमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि अपराध में पुलिसकर्मी शामिल थे। उन्होंने कहा, "कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि इसमें पूरा पुलिस स्टेशन शामिल था।"

मेघवाल ने कहा कि आने वाले चुनाव में दलित समुदाय के लोग कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य पीड़ित परिवार से मिलने खाजूवाला जाएंगे।

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, मामले की एसआईटी जांच और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन पहले ही दिया जा चुका है।

आश्वासन मिलने पर परिजन ने बुधवार शाम को खाजूवाला थाने के बाहर धरना समाप्त कर दिया था। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को परिजनों ने युवती का शव लेने से इनकार कर दिया था।

शव का बुधवार शाम को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था।

पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय महिला का शव मंगलवार को खाजूवाला पुलिस स्टेशन की सीमा में पाया गया था। जिसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिजनों ने प्राथमिकी में दिनेश विश्नोई, कांस्टेबल मनोज और भागीरथ को नामजद किया है।

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