गयाजी (बिहार), छह जून ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का टिकट चाहते हैं।
वह हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल(यूनाइटेड) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे।
भागीरथ ने राहुल गांधी के बेलदौर गांव के दौरे से पहले ‘पीटीआई वीडियो’ से बात की। उनके पिता बेलदौर गांव से ही ताल्लुक रखते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘आप हमारे घर को देख सकते हैं। हमारे पास अभी भी पक्का मकान नहीं है। मैं राहुल गांधी से जो पहला अनुरोध करना चाहूंगा, वह है हमें पक्का मकान मुहैया कराना।’’
भगीरथ, अपने पिता के जीवनकाल में नीतीश कुमार द्वारा दलित राजमिस्त्री को अपनी कुर्सी पर बैठाने के कार्य से भी प्रभावित नहीं दिखे।
नाराज बेटे ने कहा, ‘‘उससे मेरे पिता और उनके परिवार को क्या लाभ मिला? बेशक, नीतीश कुमार को कुछ लाभ जरूर मिला होगा।’’
दशरथ मांझी की पत्नी उनके लिए घर से खाना लाते समय गिर गई थी और उनकी मौत हो गई थी जिसके बाद मांझी ने सिर्फ एक हथौड़े और छेनी से पहाड़ को समतल कर रास्ता बना दिया, जिससे गयाजी जिले के दो प्रशासनिक ब्लॉकों के बीच की दूरी पहले की तुलना में 40 किलोमीटर से भी ज्यादा घट गई।
मांझी को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में कई साल लग गए और 2007 में उनका निधन हो गया।
इस मार्मिक जीवन गाथा पर आधारित एक फिल्म ‘मांझी - द माउंटेन मैन’ भी बनी, जिसमें मुख्य भूमिका राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाई थी।
दशरथ के बेटे भगीरथ पिछले साल जद(यू) में शामिल हुए थे, लेकिन इस साल फरवरी में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। पटना में गांधी के ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ में भाग लेने के कुछ ही सप्ताह बाद उन्होंने यह भी कहा कि वह कुछ ही महीनों में होने जा रहे चुनाव में टिकट मांगेंगे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘‘जब राहुल गांधी यहां आएंगे तो मैं उनसे बोधगया से पार्टी का टिकट मांगूंगा।’’
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ नगरी के नाम पर क्षेत्र का नाम बोधगया रखा गया और यह एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है। यह सीट वर्तमान में बिहार में कांग्रेस की वरिष्ठ सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास है।
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