देश की खबरें | चक्रवात ‘रेमल’ : प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की

नयी दिल्ली, 26 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ से निपटने को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को एक बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने गृह मंत्रालय से स्थिति की निगरानी करने और चक्रवात के आने के बाद समीक्षा करने तथा सेवाओं की बहाली के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में पहले से ही तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 टीम और ओडिशा में एक टीम के अलावा, कुछ और टीम को पूरी तरह तैयार रखा जाए जो एक घंटे के भीतर आगे बढ़ सकें।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चक्रवात रेमल के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। आपदा प्रबंधन बुनियादी ढांचे और अन्य संबंधित पहलुओं का जायजा लिया। मैं सभी की हिफाजत और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।’’

मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि समुद्र तट से लगभग 30 किमी दूर स्थित ‘रेमल’ के पहुंचने की प्रक्रिया रात 8.30 बजे शुरू हो गई थी और लगभग चार घंटे तक जारी रहेगी।

पीएमओ के बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया कि राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति पश्चिम बंगाल सरकार के साथ नियमित संपर्क में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बंदरगाहों, रेलवे और राजमार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए।

इसबीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चक्रवात रेमल के दस्तक देने के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों से बात की। उन सभी इलाकों में जहां चक्रवात का असर हो सकता है, एनडीआरएफ की पर्याप्त तैनाती की गई है। लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है, और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियां यह सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं कि जान-माल की सुरक्षा हो।’’

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान उनके प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य सचिव भी उपस्थित थे।

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