विदेश की खबरें | नेपाल के एक शहर में दो समुदाय के बीच झड़पों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नेपालगंज में सप्ताहांत के दौरान तनाव की शुरुआत तब हुई जब एक हिंदू समुदाय के लड़के ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय को लेकर सामग्री साझा की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने क्षेत्र के मुख्य सरकारी प्रशासक के कार्यालय भवन के अंदर इसका विरोध करते हुए सड़कों पर टायर जलाए और यातायात अवरुद्ध किया।

वहीं, क्षेत्र में मंगलवार को दूसरे समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने एक विशाल रैली का आयोजन किया जिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी गई। इस घटना में कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए।

हिंदू प्रदर्शनकारियों पर हमले के बाद काठमांडू से 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित नेपालगंज में मंगलवार दोपहर से ही अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया।

इलाके के पुलिस प्रमुख संतोष राठौड़ ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान अधिकारी शहर में गश्त लगा रहे हैं। लोगों को घर से बाहर निकलने तथा समूह में एकत्रित होने की अनुमति नहीं है। रात के दौरान और बुधवार सुबह किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।

अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच और झड़प न होने देने के लिए उन्हें घर पर रहने का आदेश लागू करने और लोगों को एक साथ इकट्ठा होने से रोकने की जरूरत है।

नेपाल एक हिंदू बहुसंख्यक देश है जो कि कुछ साल पहले ही धर्मनिरपेक्ष बना है। देश में सांप्रदायिक हिंसा आम बात नहीं है। नेपालगंज की आबादी में लगभग एक तिहाई हिस्सा मुस्लिम हैं।

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