चेन्नई, 27 जुलाई तमिलनाडु में होटल और रेस्त्रां को कोविड-19 महामाारी के समय बढ़ते कर्ज और वेतन सहित वित्तीय प्रतिबद्धताओं के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बारे में जानकारी रखने वालों के अनुसार ग्राहकों को भोजन पैक कराकर घर ले जाने की सुविधा प्रदान करने वाले चेन्नई और अन्य शहरों में स्थित होटलों का कहना है कि इस सुविधा को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया कोरोना वायरस महामारी के चलते धीमी और गैर लाभकारी है।
तमिलनाडु में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के प्रयासों के तहत राज्य सरकार ने होटल और रेस्त्रां को ग्राहकों को भोजन पैक कराकर घर ले जाने की सुविधा प्रदान करने अनुमति दी है।
तमिलनाडु में अनुमानित 50 हजार होटल और रेस्त्रां हैं और उन्हें ग्राहकों को खाने-पीने की वस्तु पैक कराकर घर ले जाने की सुविधा प्रदान करने की अनुमति दी गई है, हालांकि उपभोक्ता ऐसे होटल और रेस्त्रां में बैठकर भोजन नहीं कर सकते।
कुछ होटलों ने खाद्य पदार्थ के नये विकल्प शुरू किये हैं जिन्हें फोन पर ऑर्डर किया जा सकता है, जिससे लोग अपने घरों पर आराम से बैठकर शानदार भोजन का आनंद ले सकते हैं।
तमिलनाडु होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एम वी सुब्बू ने कहा, ‘‘लॉज और होटल व्यवसाय कम होने से प्रभावित हैं और पार्सल (टेकवे) सेवा में केवल 25 प्रतिशत कारोबार देखा गया है और यह बहुत कम लाभकारी है।"
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र पर अनिश्चितता व्याप्त है और होटल व्यवसायी यकीन से नहीं कह सकते स्थिति में सुधार कब होगा और सामान्य व्यापार का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने पीटीआई- से कहा, ‘‘भले ही एक अगस्त से होटल बड़े पैमाने पर फिर से खुल जाएं, लेकिन अगले दो महीनों तक कोई व्यवसाय नहीं होगा। उसके बाद, इसमें सुधार हो सकता है।’’
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