उन्होंने एक किताब के अनावरण कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा कि देश के कई इलाकों में अत्यधिक वर्षा से भी बिजली उत्पादन संयत्रों में कोयले की कमी हुई है।
जोशी ने कहा, ‘‘हम अगर आप पिछले कई वर्षों से तुलना करेंगे तो सितंबर माह के दौरान कोयला का उत्पादन और आपूर्ति उच्चतम स्तर पर हुयी है और विशेष कर अक्टूबर महीने के दौरान। अगले तीन से चार दिनों में स्थिति ठीक हो जायेगी।’’
उन्होंने कहा कि आयातित कोयले की अंतरराष्ट्रीय कीमत अचानक से बढ़ गई है। आयातित कोयले का इस्तेमाल करने वाले बिजली संयंत्रों ने बिजली उत्पादन बंद कर दिया। उन्होंने उत्पादन बंद कर दिया है इसलिए बिजली उत्पादन का पूरा भार अब घरेलू कोयले पर है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह अगले एक-दो दिनों में कोयले की उपलब्धता को लेकर 'पूरी जानकारी' साझा करेंगे।
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