जरुरी जानकारी | एमएफआई के लिए पूंजी बफर बनाना, नकदी का प्रबंधन महत्वपूर्ण : रिजर्व बैंक लेख

मुंबई, 12 सितंबर कोविड-19 की वजह से सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के समक्ष वित्तीय जोखिम पैदा होने की संभावना है। ऐसे में एमएफआई के लिए पूंजी बफर बनाना और नकदी का प्रबंधन करना काफी महत्वपूर्ण है। रिजर्व बैंक के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख में यह बात कही गई है।

रिजर्व बैंक के निरीक्षण विभाग के स्निमरदीप सिंह द्वारा लिखे गए इस लेख में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से बेशक सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के समक्ष नई चुनौतियां और उल्लेखनीय वित्तीय जोखिम पैदा हुआ है, लेकिन इसने उन्हें दीर्घावधि की जुझारू क्षमता विकसित करने का भी अवसर दिया है।

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लेख में कहा गया है, ‘‘आगे चलकर पूंजी बफर बनाना और नकदी का प्रबंधन करना एमएफआई की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा।’’ लेख में कोविड-19 को लंबे समय में सबसे बड़ा जोखिम करार दिया गया है।

लेख में कहा गया है कि आपूर्ति श्रृंखला तथा कारोबारी परिचालन में बाधा से आजीविका के नुकसान की संभावना काफी अधिक है। इससे अंतत: परिवारों की आय घटेगी।

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इसमें कहा गया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी सूक्ष्म वित्त संस्थान (एनबीएफसी-एमएफआई) कम आय वर्ग के समूहों को बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान करते हैं। इस परिदृश्य में उनके ऋण का जोखिम बढ़ेगा। लेख में कहा गया है कि कर्ज के भुगतान की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे एमएफआई के समक्ष नकदी का जोखिम पैदा हो गया है।

इसके अलावा एनबीएफसी-एमएफआई की क्रेडिट रेटिंग के भी नीचे आने की आशंका बनती है। ऐसे में उनकी नई पूंजी जुटाने की क्षमता प्रभावित होगी।

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