नयी दिल्ली, सात फरवरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सदस्य पी संदोष कुमार ने शुक्रवार को खाड़ी सहकारी परिषद (जीसीसी) के तहत छह देशों में रहने वाले भारतीयों के सामने आ रही परेशानियों का मुद्दा राज्यसभा में उठाया और विदेश जाने वाले श्रमिकों पर एक व्यापक नीति की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कुमार ने कहा कि जीसीसी में बहुत बड़ी भारतीय आबादी है और उनके लिए एक व्यापक और व्यावहारिक नीति की तत्काल आवश्यकता है क्योंकि वे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बहुत योगदान दे रहे हैं।
जीसीसी में मध्य पूर्व के छह देश ओमान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत शामिल हैं।
कुमार ने कहा कि जीसीसी देशों में रहने वाले भारतीयों की संख्या 93,72,076 है और इनमें से 27 प्रतिशत केरल से हैं।
कुछ प्रमुख मुद्दों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि हवाई किराए में वृद्धि, खासकर विशेष अवसरों पर प्रवासी समुदाय के लिए बड़ी चिंता बन जाया करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह विमानन कंपनियों के लिए शोषण का स्रोत बन गया है। हमारा विमानन मंत्रालय इस समस्या पी मूकदर्शक बना हुआ है। इस मुद्दे को इस सदन और अन्य मंचों पर कई बार उठाया गया है।’’
उन्होंने इस समस्या का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
कुमार ने कहा कि अगर इन जीसीसी देशों में किसी की मृत्यु हो जाती है और जब शव स्वदेश वापस लाया जा रहा होता है तो एयर इंडिया वहां की विमान सेवाओं के मुकाबले दोगुना किराया वसूलती है।
भारत समुदाय कल्याण कोष के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी मात्रा में धन है लेकिन इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।
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