जरुरी जानकारी | कोविड महामारी से देशों के भीतर, देशों के बीच आय असमानता बढ़ी: यूनिलीवर सीईओ

नयी दिल्ली, 20 सितंबर कोविड-19 महामारी ने देशों के भीतर और देशों के बीच आय असमानता को बढ़ा दिया है। रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनी यूनिलीवर के वैश्विक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन जोप ने मंगलवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इस मद्दे को हल करने के लिए कंपनियों को भी अपनी भूमिका निभाने की जरूरत है, क्योंकि कोई भी व्यवसाय खंडित और टूटे समाज में नहीं पनप सकता है।

उन्होंने यहां ‘फिक्की लीड्स-2022’ कार्यक्रम के लिए जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पिछले 25 वर्षों में देशों के बीच आय असमानता में काफी सुधार हुआ है। मुख्य रूप से एशिया में करोड़ों परिवार गरीबी से बाहर निकले हैं। हालांकि, दुनिया के सबसे अमीर और सबसे गरीब देशों के बीच खाई अस्वीकार्य रूप से बहुत चौड़ी है।

जोप ने कहा, ''... और अधिक चिंताजनक वास्तविकता यह है कि देशों के भीतर आय असमानता की स्थिति बदतर हो गई है। दुनिया की लगभग तीन-चौथाई आबादी अब उन देशों में रहती है, जहां हाल के वर्षों में आय असमानता बढ़ी है।''

उन्होंने कहा कि आईएमएफ के अनुसार, कोविड-19 के चलते 12 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी में चले गए हैं।

जोप ने जोर देकर कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के असाधारण स्तर को हम अब अनुभव कर रहे हैं, और इससे देशों के भीतर तथा देशों के बीच में आर्थिक असमानता बढ़ेगी। हम आलस्य से खड़े नहीं रह सकते। व्यापार उन समाजों में नहीं पनप सकता, जो खंडित और टूटे हुए हैं।''

उन्होंने कहा कि यूनिलीवर अपने आपूर्तिकर्ताओं और सेवाप्रदाताओं के लिए यह सुनिश्चित कर रही है कि कम से कम 2030 तक उनकी आजीविका चलती रहे।

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