नागपुर, 11 दिसंबर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय की सोमवार को सराहना की और इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया।
उच्चतम न्यायालय ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को सोमवार को सर्वसम्मति से बरकरार रखा।
न्यायालय ने केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू कश्मीर) का राज्य का दर्जा ‘‘जल्द से जल्द’’ बहाल किए जाने एवं अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने का भी निर्देश दिया।
यहां विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘आज देश के इतिहास में एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर आज एक तरह से मुहर लगा दी।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता फडणवीस ने कहा कि फैसले ने ‘एकसंघ भारत’ का मार्ग प्रशस्त किया है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस भारत में शामिल किया जाएगा, फडणवीस ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें समय का इंतजार करना चाहिए।’’
ठाकरे ने यह भी कहा था कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह गारंटी देंगे कि कश्मीरी पंडित सुरक्षित अपने गृह राज्य में लौट आएंगे?
फडणवीस ने कहा कि ठाकरे को इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे ने काफी समय पहले अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की थी और यह मांग प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी की।
यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य नेताओं के साथ भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक जैसा सलूक किया जायेगा, फडणवीस ने कहा यदि वे लोग भी इस तरह के आरोपों का सामना करेंगे तो उनके साथ भी ऐसा ही होगा।
मलिक चिकित्सा आधार पर जमानत पर जेल से बाहर हैं।
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