देश की खबरें | न्यायालय ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी, उनकी पत्नी के खिलाफ जारी समन को बरकरार रखा

नयी दिल्ली, नौ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने ‘ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड’ (ईसीएल) के क्षेत्रों में कोयले के कथित अवैध उत्खनन और चोरी से संबंधित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही और समन को चुनौती देने वाली याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दंपति को 10 सितंबर, 2021 को जारी उस समन की वैधता को बरकरार रखा, जिसमें उन्हें मामले के सिलसिले में नयी दिल्ली कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था।

पीठ ने कहा, ‘‘इस मामले को देखते हुए, हमें पीएमएलए की धारा 50 के तहत याचिकाकर्ता को जारी किए गए समन को चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं दिखता।’’

अभिषेक बनर्जी और रुजिरा बनर्जी ने समन को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का रुख किया था।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि उसके महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई ‘‘केंद्र की बदले की राजनीति’’ के कारण की गई।

रुजिरा बनर्जी ने एक अलग याचिका दायर कर नयी दिल्ली की ‘पटियाला हाउस कोर्ट’ में ईडी द्वारा शुरू की गई कार्यवाही के खिलाफ उनकी अर्जी को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने को चुनौती दी।

पीठ ने कहा कि पीएमएलए के प्रावधानों के तहत, यदि कोई व्यक्ति धारा 50 के तहत जारी किसी निर्देश की जानबूझकर अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

उसने कहा कि रुजिरा उपस्थित नहीं हुईं और उन्होंने ईडी द्वारा चार अगस्त, 2021 और 18 अगस्त, 2021 को जारी समन के तहत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए और उसके बाद जांच एजेंसी ने नयी दिल्ली में ‘पटियाला हाउस कोर्ट’ में शिकायत दर्ज कराई।

शीर्ष अदालत ने कहा कि रुजिरा ने ‘पटियाला हाउस कोर्ट’ के समक्ष कार्यवाही और निचली अदालत द्वारा पारित आदेशों को उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी है लेकिन ‘‘उन्होंने इन अपील में इस अदालत के समक्ष उक्त आदेशों को पेश करने की भी जहमत नहीं उठाई।’’

उसने कहा, ‘‘चूंकि उक्त शिकायत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की संबंधित (पटियाला हाउस) अदालत के समक्ष लंबित है, इसलिए हम उक्त शिकायत के औचित्य पर कोई राय व्यक्त नहीं करेंगे।’’

अदालत ने कहा, ‘‘यह कहना पर्याप्त है कि हमें संबंधित अदालत द्वारा पारित उक्त आदेशों में कोई अवैध बात नजर नहीं आती तथा उक्त शिकायत पर उक्त अदालत द्वारा कानून के अनुसार आगे कार्यवाही की जाएगी।’’

पीठ ने अभिषेक और रुजिरा की इन दलीलों को भी खारिज कर दिया कि उन्हें नयी दिल्ली नहीं बुलाया जा सकता और उनसे कोलकाता में पूछताछ की जा सकती है, जहां ईडी का एक कार्यालय है तथा कार्रवाई का कथित कारण पश्चिम बंगाल से जुड़ा है।

ईडी ने बनर्जी एवं उनकी पत्नी को राज्य में ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के पट्टे वाले क्षेत्र में कथित कोयला चोरी एवं अवैध खनन के संबंध में समन जारी किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)