देश की खबरें | राजकोट अग्निकांड पर गुजरात की रिपोर्ट से न्यायालय नाखुश, कहा तथ्य छिपाये नहीं जाने चाहिए
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, एक दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को राजकोट जिले में कोविड-19 के लिये नामित एक अस्पताल में हुये अग्निकांड के बारे में गुजरात सरकार की रिपोर्ट पर अप्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि तथ्यों को छिपाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इस अग्निकांड में कई कोविड मरीजों की मृत्यु हो गयी थी।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा, ‘‘हमने गुजरात का जवाब देखा है। सातवीं मंजिल पर पांच मरीजों की मृत्यु हुयी। यह किस तरह का हलफनामा है। तथ्यों को छिपाने का कोई प्रयास नहीं होना चाहिए।’’ पीठ ने पिछले सप्ताह इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया था।

यह भी पढ़े | Farmers Protest: कांग्रेस की मांग, सरकार तीनों कृषि कानून को निलंबित करे, किसानों के खिलाफ दर्ज मामले ले वापस.

हलफनामे में दी गयी जानकारी पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये पीठ ने कहा, ‘‘जांच समिति गठित की गयी है। प्राथमिकी दर्ज हुयी है लेकिन अपरिहार्य कारणों से लोगों को जमानत भी मिल गयी है। आयोग के बाद आयोग गठित होते हैं लेकिन इसके बाद कुछ नहीं होता। ’’

पीठ ने सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि इस रिपोर्ट का अवलोकन करने और यह सुनिश्चित करने के लिये कहा कि शीर्ष अदालत में बेहतर हलफनामा दाखिल किया जाये।

यह भी पढ़े | Indian Army Found Tunnel in Samba: सांबा में भारतीय सैनिकों को मिली सुरंग, इसके जरिए पाकिस्तान से आतंकी करते थे भारत में घुसपैठ.

पीठ ने कहा, ‘‘मिस्टर मेहता, आप इस हलफनामे पर गौर कीजिये और देखें कि वे क्या दाखिल कर रहे हैं।’’

मेहता ने पीठ से कहा कि वह रिपोर्ट का अवलोकन करेंगे और इस बारे में राज्य सरकार से बात करेंगे।

पीठ ने इस मामले को अब तीन दिसंबर के लिये सूचीबद्ध कर दिया है।

मेहता ने पीठ को सूचित किया कि केन्द्र ने देश भर के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के बारे में दिशा निर्देश जारी किये है।

उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार ने अग्नि सुरक्षा के बारे में दिशा निर्देश जारी किये हैं। मैंने हलफनामा दाखिल किया है।’’

केन्द्र ने सोमवार को सभी राज्यों को अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में अग्नि सुरक्षा के समुचित बंदोबस्त सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। केन्द्र ने कहा था कि जब पूरा देश कोराना वायरस महामारी से जूझ रहा है तो ऐसी स्थिति में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।

केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने गुजरात के दो अस्पतालों में अग्निकांड की घटनाओं के मद्देनजर सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखे थे। इन अग्निकांड में 14 व्यक्तियों की मृत्यु हुयी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)