देश की खबरें | न्यायालय ने छोटे शहरों में कोविड-19 महामारी का सस्ता इलाज करने का सुझाव दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को सुझाव दिया कि देश के छोटे शहरों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिये सस्ता इलाज होना चाहिए। साथ ही उसने केन्द्र से कहा कि महामारी के समय में बीमा कंपनियों के दावों के लिये तत्परता से धन जारी करने पर उसे विचार करना चाहिए।
नयी दिल्ली, पांच अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को सुझाव दिया कि देश के छोटे शहरों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिये सस्ता इलाज होना चाहिए। साथ ही उसने केन्द्र से कहा कि महामारी के समय में बीमा कंपनियों के दावों के लिये तत्परता से धन जारी करने पर उसे विचार करना चाहिए।
शीर्ष अदालत को केन्द्र ने सूचित किया कि यह राज्य का विषय है और मूल रूप से कोविड-19 की जांच के प्रबंध का मामला राज्यों की ही जिम्मेदारी है।
शीर्ष अदालत में पेश एक रिपोर्ट में केन्द्र ने प्रस्ताव किया है कि यह सुनिश्चित करने के लिये कि कोविड-19 से संक्रमित मरीजों से निजी अस्पताल ज्यादा पैसा नहीं लें, राज्य प्राथमिकता के आधार पर इलाज का खर्च निर्धारित कर सकते हैं।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अधिवक्ता सचिन जैन की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिये।
इससे पहले, निजी अस्पतालों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने कहा कि इस इलाज के लिये एक समान कीमत निर्धारित करना व्यावहारिक नहीं होगा क्योंकि शहर छोटे और बड़े हैं।
पीठ ने टिप्पणी की कि महामारी के दौर में बीमा कंपनियां लंबे समय अपने दावों के भुगतान का इंतजार नहीं कर सकती हैं। पीठ ने कहा कि सरकार को इस पहलू पर विचार करके उनकी बकाया राशि का तत्परता से भुगतान करना चाहिए।
पीठ ने इस मामले को 15 दिन के बाद आगे सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दिया है।
केन्द्र ने न्यायालय में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोविड-19 मामलों की संख्या और उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों के आधार पर राज्य सरकारें निजी अस्पतालों की उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल करने की संभावना तलाश सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई राज्यों ने कोविड-19 के इलाज की कीमत निर्धारित कर दी है और निजी अस्पतालों को इससे अवगत कराया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों ने हित धारकों के साथ उचित परामर्श के बाद ही यह कीमत निर्धारित की हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य यह कीमतें निर्धारित करते समय आयुष्मान भारत-पीएमजय या सीजीएचएस की कीमतों को अपना आधार बना सकते हैं। कुछ राज्यों ने अपने यहां निजी अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के इलाज के खर्च को निर्धारित कर दिया है।
अनूप
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)