नयी दिल्ली, आठ मई उच्चतम न्यायालय ने कथित लाइफ मिशन घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में केरल के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर की अंतरिम जमानत अर्जी पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने धन शोधन रोधी एजेंसी को नोटिस जारी किया और उसे 17 मई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
कार्यवाही के दौरान, शिवशंकर के वकील-वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने चिकित्सा आधार पर अपने मुवक्किल की अंतरिम जमानत याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया।
वकील ने पीठ को बताया कि मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
इससे पहले, 13 अप्रैल को केरल उच्च न्यायालय ने शिवशंकर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
लाइफ केरल सरकार द्वारा बेघरों के लिए शुरू की गई एक आवासीय परियोजना है।
ईडी द्वारा 14 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से शिवशंकर हिरासत में हैं।
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