देश की खबरें | पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिले की समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध पर अदालत ने एसईसी से जवाब मांगा

कोलकाता, नौ जून पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनावों में नामांकन दाखिल करने के लिए दी गई समय सीमा को प्रथम दृष्टया अपर्याप्त मानते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) से विपक्षी दलों की याचिकाओं पर 12 जून को जवाब देने को कहा।

इन याचिकाओं में, नामांकन दाखिल करने के लिए समय सीमा बढ़ाए जाने और चुनावी प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती का आग्रह किया गया है।

अदालत ने कहा कि एसईसी उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के लिए एक उचित समय सीमा तय कर सकता है।

मुख्य न्यायाधीश टी. एस. शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया हमारा विचार है कि अधिसूचना में तय समय सीमा पर्याप्त नहीं है।’’

एसईसी ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जून होगी और मतदान आठ जुलाई को होगा। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि लगभग 75,000 सीटों के लिए चुनाव होने हैं और इसके लिए नामांकन दाखिल करने के लिहाज से समय बहुत कम है।

याचिकाकर्ताओं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी की ओर से दायर अलग-अलग जनहित याचिकाओं में पेश वकीलों ने कहा कि इस दौरान दो दिन छुट्टियां (10 और 11 जून) भी हैं जिससे नामांकन दाखिल करने के लिए प्रभावी रूप से केवल पांच दिन मिलेंगे।

पीठ ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना शुक्रवार सुबह प्रकाशित की गयी और उसी दिन पूर्वाह्न 11 बजे नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी।

उसने कहा, ‘‘हमारे विचार से ऐसा लगता है कि प्रक्रिया में जल्दबाजी की जा रही है, जिस पर एसईसी को पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।’’

अदालत ने कहा कि वर्तमान पंचायत का कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो रहा है।

पीठ ने कहा, ‘‘यह बात दिमाग में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग संभावित उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने के लिहाज से एक उचित समय सीमा तय कर सकता है क्योंकि इस बात पर जोर दिया गया है कि नामांकन पत्र प्रत्यक्ष रूप से जमा करने होंगे।’’

अदालत ने एसईसी को याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर अपने विचार एक रिपोर्ट के रूप में 12 जून को अगली सुनवाई के दिन पेश करने का निर्देश दिया।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती से संबंधित याचिका पर अदालत ने कहा कि एसईसी विचार कर सकता है कि क्या केंद्रीय बलों की तैनाती का अनुरोध उचित होगा ताकि राज्य पुलिस उनके साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाने के लिए काम कर सके।

पीठ में न्यायमूर्ति हिरणमय भट्टाचार्य भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘इस संबंध में हम एसईसी से जवाब चाहते हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)