देश की खबरें | अदालत ने अध्येताओं का रुका वेतन देने के संबंध में सरकार से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को शहर के सरकारी अधिकारियों से यह बताने को कहा कि वे प्रदान की जा चुकी सेवाओं के लिए दिल्ली विधानसभा अनुसंधान केंद्र के हटाए गए अध्येताओं (फेलो) के वेतन का भुगतान कब तक करेंगे।

इस पर सेवा एवं वित्त विभाग के वकील ने न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद को बताया कि हटाए गए कुछ अन्य पेशेवरों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए, अदालत ने वकील से निर्देश लेने को कहा कि याचिकाकर्ताओं और इसी तरह की स्थिति वाले अन्य अध्येताओं को भुगतान कब किया जाएगा।

अदालत प्राधिकारियों द्वारा जारी बर्खास्तगी पत्र को चुनौती देने वाली कई अध्येताओं की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने 21 सितंबर को निर्देश दिया था कि दिल्ली विधानसभा अनुसंधान केंद्र के साथ उनकी सेवाएं छह दिसंबर तक जारी रहेंगी और उन्हें भत्ता दिया जाएगा। हालांकि, बाद में, इसने विधानसभा सचिवालय और अन्य प्राधिकारियों के आवेदन पर अंतरिम आदेश को इस आधार पर रद्द कर दिया कि मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है।

पिछले हफ्ते, याचिकाकर्ताओं ने फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाया और शीर्ष अदालत के उस स्पष्टीकरण के मद्देनजर उनकी सेवाओं को जारी रखने के अपने पहले के निर्देश को बहाल करने का आग्रह किया कि उच्चतम न्यायालय ने इस मुद्दे पर अभी विचार नहीं किया है।

त्योहार नजदीक होने का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं ने सरकार को अगस्त तक की अपनी सेवा की अवधि के वेतन के भुगतान का निर्देश देने का अनुरोध किया।

अध्येताओं की नियुक्ति के लिए उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं लिए जाने के चलते उनकी सेवाएं बर्खास्त कर दी गईं थीं।

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