देश की खबरें | लॉकडाउन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अदालत ने केंद्र से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा।
अहमदाबाद, दो जून कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा।
याचिका में दावा किया गया है कि लॉकडाउन के कारण लोगों को किसी कानून के समर्थन के बिना "नज़रबंद" किया गया और इसे लागू करने से पहले समाज के कमजोर तबके को उसके हाल पर संघर्ष करने के लिए छोड़ दिया गया और उनके लिए कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
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न्यायमूर्ति आर एम छाया और न्यायमूर्ति आई जे वोरा की पीठ ने सरकारी वकील और सहायक सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि वे केंद्र और राज्य सरकार से निर्देश लेकर 19 जून को रिपोर्ट दें। इसके साथ ही अदालत ने इस याचिका को भी कोरोना वायरस और लॉकडाउन से संबंधित अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है, जिनपर सुनवाई की जा रही है।
यह याचिका विश्वास भम्बुरकर ने अपने वकील के आर कोश्ती के जरिए दायर की है। इसमें उच्च न्यायालय से लॉकडाउन को असंवैधानिक और अवैध, मनमाना, अन्यायपूर्ण घोषित करने का अनुरोध किया है।
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याचिका में अदालत से 'जनता कर्फ्यू' और लॉकडाउन के संबंध में जारी अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया है।
जनहित याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन को तोड़ने के आरोप में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे नागरिकों को काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा जबकि लॉकडाउन खुद भारत के संविधान का उल्लंघन करता है।
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