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एनसीआर में आवागमन पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका पर न्यायालय ने केन्द्र, दिल्ली, उप्र से मांगा जवाब

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव , न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमाएं पूरी तरह सील करने और लोगों के आवागमन पर लगे प्रतिबंधों के बारे में केन्द्र से आवश्यक निर्देश प्राप्त करके उसे वस्तुस्थिति से अवगत करायें।

एनसीआर में आवागमन पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका पर न्यायालय ने केन्द्र, दिल्ली, उप्र से मांगा जवाब
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नयी दिल्ली, 15 मई उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमायें बंद होने के कारण लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को केन्द्र, दिल्ली सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव , न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमाएं पूरी तरह सील करने और लोगों के आवागमन पर लगे प्रतिबंधों के बारे में केन्द्र से आवश्यक निर्देश प्राप्त करके उसे वस्तुस्थिति से अवगत करायें।

इस याचिका में कहा गया है कि लोगों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध गृह मंत्रालय के नये दिशा निर्देशों का उल्लंघन है।

पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाये। इसका जवाब अगले सप्ताह में दें।’’

यह याचिका गुरूग्राम निवासी रोहित भल्ला ने दायर की है और इसमें हरियाणा में जिला प्रशासन के 29 अप्रैल के आदेश का हवाला दिया गया है जो गुरूग्राम और सोनीपत पर लागू होता है जबकि उत्तर प्रदेश के जिला प्रशासन का तीन मई का सार्वजनिक बयान गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के संबंध में है।

इस याचिका में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दायरे में आने वाले हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जिला प्रशाासन द्वारा जनता के आवागमन पर लगाये गये प्रतिबंधों को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया है।

याचिका के अनुसार, जिला प्रशासन के इन उपायों से गृह मंत्रालय के एक मई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन होता है।

याचिका में गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को आवागमन के लिये पास देने या ऐसी ही कोई अन्य व्यवस्था के लिये दिल्ली , हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को एक साझा पोर्टल बनाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).