नयी दिल्ली,एक जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सोमवार को केंद्र और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के कार्यवाहक अध्यक्ष से जवाब मांगा है।
इस याचिका में एनसीएलटी के सदस्य (न्यायिक) ने अप्रैल और मई में जारी किए गए स्थानांतरण आदेशों को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले की सुनवाई की और नोटिस जारी किया। उन्होंने एनसीएलटी के कार्यवाहक अध्यक्ष और उसके रजिस्ट्रार, कॉर्पोरेट मामलों तथा कानून और न्याय मंत्रालयों के जरिए केंद्र से याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा।
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख तय की है।
यह याचिका राजशेखर वीके, सदस्य (न्यायिक) ने दायर की है और उन्होंने एनसीएलटी मुंबई से कोलकाता शाखा में अपने तबादले को रद्द करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने दो अन्य आदेशों को भी चुनौती दी है जिनके द्वारा एनसीएलटी के कार्यवाहक अध्यक्ष बीएसवी प्रकाश कुमार ने खुद अपना तबादला एनसीएलटी चेन्नई से मुंबई शाखा में किया है। इसके अलावा आठ अन्य सदस्यों का स्थानांतरण किया गया है। याचिका में उन्होंने दावा किया कि ये आदेश अवैध हैं।
वकील वंदना सहगल के जरिए दायर याचिका में कुमार के स्थान पर एक योग्य सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
राजशेखर को पिछले साल तीन मई को एनसीएलटी सदस्य (न्यायिक) नियुक्त किया गया था। उन्हें मुंबई पीठ में तैनात किया गया था।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि जब तक किसी नियमित अध्यक्ष की नियुक्त नहीं की जाती, एनसीएलटी के सदस्यों की तैनाती के संबंध में यथास्थिति बरकरार रखी जाए।
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