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देश की खबरें | अदालत ने वकील कल्याण योजना प्रतिबंधों के खिलाफ याचिका पर दिल्ली सरकार, बार काउंसिल से जवाब मांगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आप सरकार और बार काउंसिल से एक वकील की याचिका पर जवाब मांगा। उस याचिका में अनुरोध किया गया है कि 'मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याणकारी योजना' का लाभ उन सभी वकीलों को दिया जाए जो दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) में पंजीकृत हैं, भले ही उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में नहीं रहे।

देश की खबरें | अदालत ने वकील कल्याण योजना प्रतिबंधों के खिलाफ याचिका पर दिल्ली सरकार, बार काउंसिल से जवाब मांगा
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नयी दिल्ली, एक जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आप सरकार और बार काउंसिल से एक वकील की याचिका पर जवाब मांगा। उस याचिका में अनुरोध किया गया है कि 'मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याणकारी योजना' का लाभ उन सभी वकीलों को दिया जाए जो दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) में पंजीकृत हैं, भले ही उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में नहीं रहे।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई करने वाले दिल्ली सरकार, बीसीडी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को याचिका पर नोटिस जारी किया।

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याचिका में सरकार की 17 मार्च की अधिसूचना को रद्द करने या उसे संशोधित करने का अनुरोध किया गया है।

अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय की है।

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याचिका में कहा गया है कि नवंबर 2019 में दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में वकालत करने वाले सभी अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए योजना की घोषणा की थी जो बीसीडी से पंजीकृत हैं।

याचिकाकर्ता और वकील गोविंद स्वरूप चतुर्वेदी ने कहा कि वह बीसीडी में पंजीकृत हैं और उनके पास दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की सदस्यता है। वह यहां की अदालतों में वकालत कर रहे हैं लेकिन अब राष्ट्रीय राजधानी में नहीं रहते हैं।

उन्होंने कहा कि वह पहले दिल्ली के निवासी थे। उन्होंने दावा किया कि अधिसूचना भेदभावपूर्ण और अवैध तथा अनुचित है। दिल्ली की मतदाता सूची में नाम के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2020 09:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).