देश की खबरें | अदालत ने बलात्कार के दोषी पिता के खिलाफ महिला के यौन उत्पीड़न की शिकायत पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी

नयी दिल्ली, पांच जनवरी दिल्ली की एक अदालत ने बलात्कार के दोषी पिता के पैरोल पर जेल से बाहर रहने के दौरान कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने को लेकर उसके (पिता के) खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली 24 वर्षीय एक महिला की याचिका पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मणिका ने महरौली पुलिस थाने के प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया और विषय को 23 फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह महज 12 साल की थी तब उसके पिता ने उसका बलात्कार किया था। बाद में उसके पिता को रिहा कर दिया गया क्योंकि उसपर (महिला पर) उसके (पिता के) पक्ष के में एक बयान देने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके बाद उसने फिर उसका (पीड़िता का) बलात्कार किया और 2018 में उसके पिता को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

महिला ने अदालत मे अपनी याचिका में कहा, ‘‘27 सितंबर 2021 को, जब आरोपी पैरोल पर जेल से बाहर आया, उसने शिकायतकर्ता से जो कुछ करना चाहा वह करने नहीं दिए जाने पर उसकी मां की पिटाई की। ’’

शिकायतकर्ता ने कहा कि एक दशक जेल में रहने के बाद भी उसके पिता की मानसिकता नहीं बदली।

शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘आरोपी मानव के रूप में एक जानवर से भी बदतर है। उसने अपने पिता को एक आदतन अपराधी करार दिया और पुलिस अधिकारियों को जांच के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया।’’

शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘एक दशक से भी अधिक समय तक जेल में रहने के बावजूद दोषी की मानसिकता नहीं बदली क्योंकि उसने उससे (शिकायतकर्ता से) जबरन यौन संबंध बनाना चाहा। ’’

महिला ने कहा कि उसने 22 दिसंबर को पुलिस से संपर्क किया और एक लिखित शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने दावा किया, ‘‘तब से आरोपी फरार है। और पुलिस अधिकिारियों ने कहा कि जो इंसान 10 साल कैद की सजा काट कर भी नहीं सुधरा, उसका पुलिस कुछ नहीं कर सकती। साथ ही यह भी कहा कि ‘जाओ यहां से अपना मेडिकल भी खुद करा लो।’’

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