देश की खबरें | न्यायालय ने एनसीएलएटी के तीन सदस्यों के खिलाफ टिप्पणी हटायी

नयी दिल्ली, 19 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के तीन मौजूदा सदस्यों के खिलाफ कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति बंसी लाल भट की अध्यक्षता वाली पीठ की टिप्पणी शुक्रवार को हटा दी।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन के नेतृत्व वाली एक पीठ ने याचिकाकर्ताओं न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे कुमार जैन, बविंदर सिंह और विजय प्रताप सिंह को राहत दी, जो उस पीठ का हिस्सा थे जिसने मामले को अपीली न्यायाधिकरण के कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय पीठ को भेजा था।

पीठ ने कहा, ‘‘हम आपके साथ हैं।’’

पांच सदस्यीय पीठ को जो मामला भेजा गया था, वह एक कंपनी के खाता बही में प्रवृष्टि और कंपनी द्वारा ऋण की स्वीकारिता से संबंधित था।

तीन सदस्यीय पीठ द्वारा 25 सितंबर, 2020 को मामले को भेजे जाने के बाद मामला पांच सदस्यीय पीठ के समक्ष सुनवायी के लिए आया था। उस तीन सदस्यीय पीठ में शामिल सदस्य तीन याचिकाकर्ता थे।

तीन याचिकाकर्ताओं ने पांच सदस्यीय पीठ द्वारा की गई टिप्पणी को हटाने का अनुरोध किया था और कहा था कि उन्होंने कानून में इस स्थिति को केवल स्वीकार किया था कि इस मुद्दे पर पहले के फैसले पर विचार करने के लिए बड़ी पीठ सक्षम है।

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