नयी दिल्ली, 30 जनवरी राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने सोमवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों को 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में शरजील इमाम और उमर खालिद सहित सात आरोपियों को सप्ताह में तीन बार पांच मिनट के लिए कैदी टेलीफोन कॉल की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यूएपीए के तहत आरोपों का सामना कर रहे आरोपियों को न्यायिक हिरासत की शुरुआत से दैनिक आधार पर पांच मिनट के लिए कॉल सुविधा देने के लिए जेल प्रशासन की खिंचाई की।
अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन नियमों का पालन करें और बिना किसी भेदभाव के निरंतरता बनाए रखें।
खालिद, इमाम, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, शरजील इमाम, तस्लीम अहमद और अतहर खान ने अपने-अपने परिवारों के साथ बातचीत के लिए रोजाना पांच मिनट की फोन कॉल सुविधा जारी रखने के लिए आवेदन दायर किया था। यह सुविधा सितंबर 2022 में खत्म कर दी गई थी।
सोमवार को एक अन्य आरोपी मीरान हैदर ने भी कैदी दैनिक फोन कॉल की सुविधा बहाल करने के लिए आवेदन दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि समग्र स्थिति और आचरण रिपोर्ट पर विचार करने के बाद मौजूदा आवेदनों का निपटान किया जाता है और संबंधित जेल अधीक्षकों को निर्देश दिया जाता है कि वे उक्त कैदियों को अपने-अपने परिवारों से बात करने के लिए हफ्ते में तीन बार पांच-पांच मिनट की फोन कॉल सुविधा प्रदान करें।
ये सभी आरोपी दंगों की साजिश से संबंधित मामलों में जेल में बंद हैं।
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