देश की खबरें | गुजरात के कॉलेजों में रैगिंग से जुड़ी जनहित याचिका पर अदालत ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया

अहमदाबाद, नौ जनवरी गुजरात उच्च न्यायालय ने वड़ोदरा के एक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की एक घटना के बारे में एक हालिया खबरों पर विचार करने के बाद “रैगिंग के खतरे” को लेकर स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका पर राज्य के शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया।

मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति आशुतोष शास्त्री की खंडपीठ ने राज्य के शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया।

अदालत ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य, चिकित्सा सेवा और चिकित्सा शिक्षा के आयुक्तों को भी नोटिस जारी किया।

अदालत ने कहा, “हम में से एक (मुख्य न्यायाधीश) को इस अदालत के एक मौजूदा न्यायाधीश ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट संलग्न करके गुजरात राज्य में होने वाली रैगिंग की समस्या पर प्रकाश डालते हुए एक पत्र लिखा था।”

पीठ ने कहा कि तीन जनवरी, 2023 को समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में उल्लेखित उक्त खतरे को ध्यान में रखते हुए, यह विचार था कि संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर 30 जनवरी तक इसे रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिये अदालत में बुलाया जाना चाहिए।

खबर वडोदरा में एक निजी मेडिकल कॉलेज के तीन सीनियर रेजिडेंट छात्रों के बारे में थी, जिन्हें एक जूनियर छात्र के कथित रूप से रैगिंग करने के आरोप में कॉलेज प्रशासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था।

यह कार्रवाई पीड़ित के पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई कि उनका बेटा रैगिंग के बाद अवसाद के कारण आत्महत्या करने के लिए घर से निकल गया था और उसे एक रेलवे स्टेशन से बचाया गया था।

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