देश की खबरें | अदालत ने बीपीआरडी में आंतरिक शिकायत समिति मुद्दे पर केंद्र को नोटिस जारी किया

नयी दिल्ली, 24 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है जिसमें शिकायत की गयी है कि पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरडी) ने अपने महानिदेशक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन ठीक से नहीं किया है।

अदालत को बताया गया कि आईसीसी के गठन को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि उसके सभी सदस्य रैंक में महानिदेशक के अधीनस्थ हैं जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की गयी है।

न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी की अवकाशकालीन पीठ ने भारत सरकार और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस जारी करें। सुनवाई की अगली तारीख पर या उससे पहले एक संक्षिप्त हलफनामा दायर किया जाए...विस्तृत जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए अभी कोई निर्देश नहीं दिया जा रहा है।"

पीठ ने यह भी सुझाव दिया कि इस दौरान, यदि संभव हो तो वकील मामले के समाधान का प्रयास कर सकते हैं और सुनवाई की अगली तारीख 25 जून को जानकारी दे सकते हैं।

अदालत से कहा गया कि शिकायतकर्ता भारतीय पुलिस सेवा (एजीएमयूटी कैडर) में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं और अभी गृह मंत्रालय के तहत बीपीआरडी में प्रतिनियुक्ति पर हैं तथा उन्होंने महानिदेशक के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने अदालत को बताया कि ब्यूरो द्वारा गठित आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत पर कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा कि इस याचिका के जरिए सीमित चुनौती दी गयी है कि गठित आईसीसी के सभी सदस्य रैंक में निदेशक के अधीनस्थ हैं जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत है।

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