नयी दिल्ली, 29 जून रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार गिए गए दिल्ली पुलिस के एक एचएचओ को यहां की एक अदालत ने जमानत दे दी है और कहा कि मामले में भौतिक जांच पहले ही पूरी हो चुकी है।
विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह चहल ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के विजय विहार थाना प्रभारी (एसएचओ) को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर 26 जून को राहत प्रदान कर दी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस महीने के शुरू में स्थानीय निवासी सुनील कुमार वत्स की शिकायत पर एसएचओ को गिरफ्तार किया था।
वत्स ने आरोप लगाया था कि उसके द्वारा हाल में खरीदे गए एक प्लॉट पर निर्माण कार्य करने देने के लिए एचएचओ ने उनसे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
यह भी पढ़े | पशु का शव काटकर अंदर बछड़ा छिपाया, बीएसएफ ने किया मवेशियों की ‘क्रूर’ तस्करी का भंडाफोड़.
न्यायाधीश ने एचएचओ को जमानत प्रदान करते हुए कहा, ‘‘मेरा मानना है कि भौतिक जांच पहले ही पूरी हो चुकी है, इसलिए आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने की कोई वजह नहीं है क्योंकि वर्तमान मामले में अभी अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह की जानी है।’’
सीबीआई ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है या न्याय से भाग सकता है।
अदालत ने इसपर चहल को आगाह किया कि वह ऐसा कोई आचरण न करे जिससे जांच प्रभावित हो या सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ हो।
इसने कहा कि आरोपी अदालत की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाएगा और वह जांच अधिकारी को अपना वर्तमान पता, मोबाइल नंबर तथा ई-मेल उपलब्ध कराए। यदि इसमें कोई परिवर्तन हो तो इसकी जानकारी भी जांच अधिकारी और अदालत को दे।
अदालत ने कहा कि जब भी जरूरत होगी, आरोपी को जांच के लिए पेश होना होगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY