देश की खबरें | अदालत ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुम्बई, 11 दिसंबर बंबई उच्च न्यायालय ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना को दो साल के लिए निलंबित करने और उसके कोष का उपयोग कोविड-19 महामारी के विरूद्ध लड़ाई में इस्तेमाल करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने वकील नीलिमा वर्तक की जनहित याचिका खारिज कर दी। वर्तक ने वकील शेखर जगताप के माध्यम से यह याचिका दायर की थी।

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न्यायाधीशों ने कहा कि वर्तमान अप्रत्याशित स्थिति में जब केंद्र और राज्य सरकारें लोगों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल के लिए यथासंभव प्रयास कर रही हैं तो ऐसे प्रयासों के किसी भी विरोध को शुरू में खत्म कर देना चाहिए।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हर साल पांच करोड़ रूपये तक के विकास कार्यक्रमों की घोषणा कर सकते हैं।

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अदालत ने कहा कि इस जनहित याचिका का मूलाधार यह है कि योजना की धनराशि का लक्ष्य जनभलाई है, इसलिए इससे नगारिक को उसके निलंबन का विरोध करने का अधिकार बन जाता है। अदालत ने कहा कि लेकिन कोई भी नागरिक यह कहने का ‘कानूनी अधिकार ’ का दावा नहीं कर सकता कि अमुक योजना आने वाले समय जारी ही रहे और सरकार के पास उसके निलंबन या उसके धन को अन्यत्र लगाने का विकल्प नहीं है।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को छोड़कर कोई भी सांसद या यहां तक अन्य व्यक्ति इस योजना के निलंबन के विरूद्ध अदालत नही पहुंचे हैं, वैसे भी यह रकम बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए खर्च की जा रही है।

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