देश की खबरें | अदालत ने केरल सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नावों में क्षमता से अधिक लोग सवार नहीं हों

कोच्चि, 12 मई केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये कि राज्य में संचालित नौकाओं में क्षमता से अधिक यात्री सवार नहीं हों और प्रत्येक नौका पर अधिकतम वहन क्षमता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाये।

अदालत सात मई को तनूर में हुई नाव दुर्घटना को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दुर्घटना में 15 बच्चों सहित 22 लोगों की मौत हो गई थी।

न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति सोफी थॉमस की पीठ ने कहा कि क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना नौका दुर्घटना के प्रमुख कारकों में से एक है।

अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए हमारे मन में इस बात को लेकर कोई शंका नहीं है कि केरल में प्रत्येक नाव में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित अधिकतम क्षमता तक ही लोगों के सवार होने की अनुमति दी जाये।’’

पीठ ने निर्देश दिया कि नाव संचालकों को प्रमुख स्थानों पर एक बोर्ड प्रदर्शित करने के लिए कहा जाना चाहिए जिसमें लोगों की अधिकतम संख्या की जानकारी दी जानी चाहिए।

अदालत ने इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता वी. एम. श्यामकुमार को न्यायमित्र नियुक्त किया।

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