नयी दिल्ली, 23 जून दिल्ली की अदालत ने पटेल नगर के विधायक और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक पार्षद को कोविड-19 संबंधी सरकारी आदेश की अवहेलना मामले में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच में कई खामियां हैं।
अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी विधि गुप्ता आंनद आम आदमी पाटी (आप) के दो नेताओं- विधायक राज कुमार आनंद और पार्षद अंकुश नारंग के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई कर रही थीं। दोनों नेताओं पर बिना पूर्व-अनुमति और सामाजिक दूरी का अनुपालन किए बिना पिछले साल 26 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता के पटेल नगर स्थित आवास पर आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने का आरोप था।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि कथित प्रदर्शन के दौरान पटेल नगर के सहायक पुलिस आयुक्त की ओर से जारी आदेश लागू था। उसने बताया कि कोविड-19 के मामलों में कमी के मद्देनजर सामाजिक पाबंदियों को हटा लिया गया था लेकिन राष्ट्रीय निर्देशों के तहत मास्क और सामाजिक दूरी का नियम लागू था।
अदालत ने कहा, ‘‘ जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच में कई खामियां हैं। न तो चश्मदीद गवाहों से पूछताछ की गई ...और न ही थाना प्रभारी या सहायक पुलिस आयुक्त के बयान दर्ज किए गए।’’
अदालत ने कहा कि सबसे बड़ी खामी घटना का वीडियो उसके समक्ष पेश नहीं किया जाना है जबकि वह जांच अधिकारी के पास मौजूद है।
अदालत ने कहा, ‘‘जांच अधिकारी का यह बयान कि उसने मोबाइल फोन बदल दिया था और घटना का वीडियो रखना याद नहीं था, केवल बहाना प्रतीत होता है और यह अलग सवाल है कि साक्ष्य प्राप्त होने के बावजूद उसे क्यों नहीं अदालत के समक्ष पेश किया गया।’’
अदालत ने कहा कि मौके पर आरोपियों की उपस्थिति साबित नहीं हुई और न ही सहायक पुलिस आयुक्त के आदेश के प्रकाशन के संबंध में कोई सबूत पेश किए गए।
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