गुरुग्राम(हरियाणा), आठ फरवरी गुरुग्राम में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली 14 वर्षीय एक किशोरी का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और उसे प्रताड़ित करने को लेकर बुधवार को एक दंपती को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी मनीष खट्टर (36) और उसकी पत्नी कमलजीत कौर (34) को बुधवार को शहर की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने खट्टर को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया, जबकि कौर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि उसकी (पुलिस की) और ‘वन-स्टॉप क्राइसिस सेंटर’ सखी की एक संयुक्त टीम ने दंपती द्वारा अपने बच्चे की देखभाल के लिए रखी गई किशोरी को मंगलवार को मुक्त कराया। उसके हाथ, पैर और चेहरे पर चोट के कई निशान पाए गए हैं।
सखी केंद्र प्रभारी पिंकी मलिक द्वारा दायर की गई शिकायत के अनुसार, झारखंड के रांची निवासी किशोरी को एक ‘प्लेसमेंट एजेंसी’ के माध्यम से काम पर रखा गया था।
मलिक ने आरोप लगाया कि दंपती उसकी बेरहमी से पिटाई करता था। उन्होंने घरेलू सहायिका को पूरी रात सोने नहीं दिया और खाना भी नहीं दिया। उसका चेहरा पूरी तरह सूज गया था, जबकि शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे।
पुलिस ने बताया कि किशोरी को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दंपती न्यू कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कौर एक निजी कंपनी में जनसंपर्क अधिकारी हैं, जबकि उनके पति एक बीमा कंपनी में कार्यरत हैं।
पुलिस ने बताया कि किशोरी का यौन उत्पीड़न भी किया गया था।
उन्होंने बताया कि दंपती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (चोट पहुंचाना), 342 (बंधक बना कर रखना) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम तथा पॉक्सो अधिनियम की संबद्ध धाराओं के तहत न्यू कॉलोनी पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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