जरुरी जानकारी | बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 403 परियोजनाओं की लागत 4.05 लाख करोड़ रुपये बढ़ी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 403 परियोजनाओं की लागत में तय अनुमान से 4.05 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी मिली है। देरी और अन्य कारणों की वजह से इन परियोजनाओं की लागत बढ़ी है।

नयी दिल्ली, 26 जुलाई बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 403 परियोजनाओं की लागत में तय अनुमान से 4.05 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी मिली है। देरी और अन्य कारणों की वजह से इन परियोजनाओं की लागत बढ़ी है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी करता है।

यह भी पढ़े | कोरोना की चपेट में उत्तर प्रदेश, ठीक होने वाले पीड़ितों के डिस्चार्ज को लेकर सरकार की तरफ से जारी हुई नही घोषणा.

मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की 1,686 परियोजनाओं में से 530 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं, जबकि 403 परियोजनाओं की लागत बढ़ी है।

मंत्रालय ने मार्च-2020 की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इन 1,686 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मूल लागत 20,66,771.94 करोड़ रुपये थी, जिसके बढ़कर 24,71,947.66 करोड़ रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि इनकी लागत मूल लागत की तुलना में 19.60 प्रतिशत यानी 4,05,175.72 करोड़ रुपये बढ़ी है।’’

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार ने नाइट ड्यूटी अलाउंस के नियमों में किया बदलाव.

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2020, तक इन परियोजनाओं पर 11,20,696.16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कुल अनुमानित लागत का 45.34 प्रतिशत है। हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि यदि परियोजनाओं के पूरा होने की हालिया समयसीमा के हिसाब से देखें, तो देरी से चल रही परियोजनाओं की संख्या कम होकर 452 पर आ जाएगी।

मंत्रालय ने कहा कि देरी से चल रही 530 परियोजनाओं में 155 एक से 12 महीने, 114 परियोजनाएं 13 से 24 महीने, 148 परियोजनाएं 25 से 60 महीने तथा 113 परियोजनाएं 61 महीने या अधिक की देरी में चल रही हैं।

इन 552 परियोजनाओं की देरी का औसत 41.16 महीने है।

इन परियोजनाओं में देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण में विलंब, पर्यावरण व वन विभाग की मंजूरियां मिलने में देरी तथा बुनियादी संरचना की कमी प्रमुख हैं।

इनके अलावा परियोजना का वित्तपोषण, विस्तृत अभियांत्रिकी को मूर्त रूप दिये जाने में विलंब, परियोजनाओं की संभावनाओं में बदलाव, निविदा प्रक्रिया में देरी, ठेके देने व उपकरण मंगाने में देरी, कानूनी व अन्य दिक्कतें, अप्रत्याशित भू-परिवर्तन आदि जैसे कारक भी देरी के लिए जिम्मेदार हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs West Indies, 3rd T20I Match Scorecard: इंदौर में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के सामने रखा 224 रनों का लक्ष्य, अभिषेक शर्मा ने खेली तूफानी पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Pakistan vs Sri Lanka, 2nd T20I Match Scorecard: रावलपिंडी में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने रखा 216 रनों का लक्ष्य, माज़ सादाकत ने खेली 96 रनों की विस्फोटक पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, 3rd T20I Match Live Score Update: इंदौर में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा है सीरीज का तीसरा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? इंदौर में भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच तीसरे टी 20 मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट