नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उपभोक्ता उत्पाद (व्हाइट गुड्स) के उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत चुनी गई कंपनियों को योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित पक्ष की बिक्री के बारे में किसी पंजीकृत लागत लेखाकार से एक प्रमाणपत्र देना होगा।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने व्हाइट गुड्स के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना से संबंधित दिशानिर्देश में यह बदलाव किया है।
विभाग ने कहा कि प्रशासनिक मंत्रालय इस योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए विनिर्माण इकाइयों का दौरा भी कर सकता है और उद्योग से सीधे जानकारी जुटा सकता है।
विभाग ने कहा कि विभिन्न आवेदकों और उद्योग संगठनों से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। योजना के तहत लाभार्थी के तौर पर चयनित कंपनी को लाभ पाने के लिए अपनी खपत और संबंधित पक्षों को बिक्री के संदर्भ में किसी लागत लेखाकार से प्रमाणपत्र लेकर जमा करना होगा।
इसके साथ ही योजना के तहत दावे जमा करने की समयसीमा को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया गया है।
प्रेम
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY