देश की खबरें | कोरोना वायरस: भारत ने ‘विश्व के औषधालय’ के रूप में काम किया है: विदेश मंत्रालय
जियो

नयी दिल्ली, 28 मई विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए भारत ने दुनिया के सभी हिस्सों में ‘‘विश्व के औषधालय’’ और स्वास्थ्य सेवा आपूर्तिकर्ता के रूप में काम किया है।

विदेश मंत्रालय में सचिव (प्रवासी भारतीय मामले और कांसुलर पासपोर्ट वीजा) संजय भट्टाचार्य ने "केविड-19 महामारी के दौरान और बाद के विश्व में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना" पर एक ऑनलाइन संबोधन में कहा कि भारत में विकसित और विकासशील दुनिया के बीच एक सेतु बनने और सूचना, उत्पादों और विशेषज्ञता के दो-तरफा प्रवाह को सुगम बनाने की क्षमता है।

यह भी पढ़े | लॉकडाउन 5.0: गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों से बात कर मांगे सुझाव: 28 मई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने दुनिया के सभी हिस्सों में स्वास्थ्य सेवा आपूर्तिकर्ता के रूप में काम किया है।’’

उन्होंने कहा कि राजनयिक मोर्चे पर, भारत सक्रिय रूप से फोन और वीडियो पर आभासी संपर्कों के नए माध्यम से जुड़ा हुआ है।

यह भी पढ़े | कोरोना का कहर जारी: मुंबई में कोविड-19 से संक्रमित आज 1,438 नए मामले आए सामने, कुल संख्या बढ़कर 35,273 हुई.

विदेश मंत्रालय ने उनके हवाले से एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री(एस जयशंकर) ने विभिन्न देशों में अपने समकक्षों के साथ न केवल कोरोना वायरस के अनुभवों को साझा करने और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा की है, बल्कि कोविड-19 के बाद एक सकारात्मक एजेंडा विकसित करने पर भी विचार-विमर्श किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सार्क, ब्रिक्स, जी-20 जैसे क्षेत्रीय और बहुपक्षीय समूहों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को नई गति देने में लगे हुए हैं। द्विपक्षीय रूप से, विदेश मंत्री ने संयुक्त आयोग की बैठकें भी की हैं और हम जल्द ही एक शिखर सम्मेलन के लिए तैयारी कर रहे हैं।’’

भट्टाचार्य ने कहा कि विचारों को साझा करने से कोरोना वायरस महामारी से निपटने में समन्वित प्रयासों में मदद मिली है, जैसे कि एक-दूसरे के क्षेत्रों से फंसे हुए नागरिकों को निकालना, जीवन रक्षक दवाओं और भोजन की आपूर्ति का रखरखाव, एक दूसरे के नागरिकों के लिए वीजा का विस्तार आदि शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा आकलन है कि भारत कोविड-19 परिदृश्य के बाद सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहेगा और आर्थिक विकास को मध्यम से दीर्घावधि में गति मिलेगी।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)