नयी दिल्ली, 31 मई भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को सूचीबद्ध कराने और आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी बेचने का काम अगले वित्त वर्ष तक के लिये टल सकता है। कोविड-19 संकट के चलते बाजार मूल्यांकन नीचे रहने की वजह से यह काम अब वित्त वर्ष 2021-22 में होने की संभावना है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में एलआईसी को सूचीबद्ध कराने और आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचकर 90,000 करोड़ रुपये के विनिवेश की योजना बनायी थी। यह सरकार के 2.10 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य का अहम हिस्सा है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 का आम बजट पेश करते हुए चालू वित्त वर्ष में एलआईसी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की घोषणा की थी।
सूत्रों ने कहा कि कोविड-19 महामारी संकट के बाद बाजार हालातों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में एलआईसी का आईपीओ आना मुश्किल लग रहा है। इसके अलावा बाजार में एलआईसी के आईपीओ को उतना अच्छा अभिदान मिलने की संभावना कम है।
कोविड-19 के चलते सरकार ने हाल में देश की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी ईंधन विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के विनिवेश की समय सीमा भी दूसरी बार बढ़ा दी है। अब इसे 31 जुलाई तक कर दिया गया है जो पहले 30 जून थी।
एलआईसी में सरकार की 100 प्रतिशत और आईडीबीआई बैंक में 46.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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