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कोरोना वायरस का संकट झारखंड में कभी भी विकराल रूप ले सकता है-मुख्यमंत्री

सभी राजनीतिक दलों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस के संकट पर विचार विमर्श के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने यह बात कही।

कोरोना वायरस का संकट झारखंड में कभी भी विकराल रूप ले सकता है-मुख्यमंत्री

रांची, 10 अप्रैल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को यहां चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में कोरोना वायरस का संकट तेजी से बढ़ रहा है और किसी भी समय यह विकराल रूप ले सकता है।

सभी राजनीतिक दलों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस के संकट पर विचार विमर्श के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इस समय राज्य के सभी लोगों का धर्म है कि वह एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ें अन्यथा यह कभी भी विकराल रूप ग्रहण कर सकता है।

उन्होंने बीमारी छिपाने वालों से कहा, ‘‘मैं हाथ जोड़कर आप लोगों से

अनुरोध करता हूं कि आप स्वयं प्रशासन के पास आयें और कोरोना की जांच में मदद करें। अन्यथा यह समझें कि आप अपनी मौत को दावत दे रहे हैं। ’’

सोरेन ने कहा कि लॉकडाउन खुलने के बाद राज्य के लिए बड़ी चुनौती सामने आयेगी क्योंकि पूरे देश से सात लाख से अधिक लोग झारखंड वापस लौटेंगे। राज्य को उस स्थिति के लिए भी तैयारी करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘वक्त एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलते हुए इस संक्रमण से बाहर आने का है। राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा एवं प्रवासी मजदूरों के संदर्भ में संवेदनशील है। आप सभी मौजूदा समस्या से अवगत हैं। सरकार के साथ साथ विभिन्न संस्था व संस्थानों के लोग कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में एकजुट है।’’

सोरेन ने कहा, ‘‘ पूर्व में कोरोना संक्रमित लोग की पहचान नहीं हो रही थी, लेकिन एकाएक अधिक संख्या में संक्रमित लोगों की पहचान हुई है। यह चिंतनीय है। आने वाले समय हमें चुनौती के रूप में लेना है, इसके लिए हमें तैयार रहने की आवश्यकता है, इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए सभी राजनीतिक दल को तैयार रहने की जरूरत है। हमें इस बात पर अपना ध्यान केंद्रित करना है कि कैसे संक्रमण के दौर से राज्यवासियों को सुरक्षित बाहर लेकर आएं।’’

उन्होंने बताया कि रांची, जमशेदपुर के बाद धनबाद में भी कोरोना जांच की प्रक्रिया आरंभ की गई है। कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर तमाम लोगों के लिए सरकार चिंतित है कि कैसे उन्हें सुविधाएं मुहैया कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विपदा की इस घड़ी में सभी को खाद्यान्न और दो वक्त का भोजन उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार का प्रयास है। सरकार की ओर से जिला एवं पंचायत स्तर पर भोजन की व्यवस्था है। दो माह का अग्रिम खाद्यान्न लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

सोरेन ने कहा कि राज्य के सभी विधायकों को 15 लाख रुपये खाद्यान्न हेतु उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य हो रहा है ताकि उनकी अनुशंसा पर जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी जा सके । साथ ही विभिन्न संस्थाओं और संस्थानों के माध्यम से भी जरूरतमंदों के बीच भोजन वितरित किया जा रहा है।

, इन्दु

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2020 10:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).