एजेंसी न्यूज

कोरोना : अदालत ने सरकार से कहा, समाचार पत्रों के बारे में चलताऊ बयान नहीं दें

न्यायमूर्ति पी बी वराले राज्य सरकार के उस फैसले पर स्वत: आधार पर संज्ञान में ली गयी एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर समाचार पत्रों के लोगों के घरों तक पहुंचाने पर रोक लगा दी गयी थी।

कोरोना : अदालत ने सरकार से कहा, समाचार पत्रों के बारे में चलताऊ बयान नहीं दें
जमात

मुंबई, 27 अप्रैल बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय का हवाला दिए बिना ऐसे चलताऊ बयान नहीं देने चाहिए कि अखबारों के वितरण से कोविड-19 का संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

न्यायमूर्ति पी बी वराले राज्य सरकार के उस फैसले पर स्वत: आधार पर संज्ञान में ली गयी एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर समाचार पत्रों के लोगों के घरों तक पहुंचाने पर रोक लगा दी गयी थी।

सरकार ने बाद में अपने आदेश में संशोधन किया और इसे केवल मुंबई, पुणे और उन स्थानों तक सीमित कर दिया जिन्हें निरूद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है।

सरकारी वकील डीआर काले ने सोमवार को सरकार का हलफनामा पेश किया जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस काफी समय तक विभिन्न सतहों पर रह सकता है और अखबार ऐसी चीज है जिसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जाता है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका पैदा हो जाती है।

न्यायमूर्ति वराले ने हालांकि कहा कि अदालत हलफनामे में दिए गए बयान के पीछे के तर्क को समझने में विफल रही।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, "ऐसा लगता है कि हलफनामे में एक सामान्य और चलताऊ बयान दिया गया है। जवाब में विशेषज्ञों की किसी टिप्पणी या स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति की कोई राय का जिक्र नहीं है।’’

इसमें कहा गया है कि इसके विपरीत, समाचार पत्रों में प्रकाशित कुछ विशेषज्ञों के बयानों का आशय यह है कि यह धारणा रखने की कोई जरूरत नहीं है कि अखबार कोरोनोवायरस फैलाने का माध्यम है।

न्यायमूर्ति वराले ने कहा कि लॉकडाउन अवधि में समाचार पत्रों के पाठकों की संख्या में वृद्धि हुई है क्योंकि जनता की दिलचस्पी विस्तृत जानकारी के साथ नवीनतम अपडेट जानने में है जो केवल समाचार पत्रों में उपलब्ध होगी।

अदालत को न्याय मित्र सत्यजीत बोरा ने सूचित किया कि मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में चेन्नई में समाचार पत्रों के घरों तक वितरण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).