मुंबई, 24 फरवरी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि शहर में 18,000 करोड़ की सीएसएमटी पुनर्विकास परियोजना का ठेका मार्च के मध्य तक दिया जाएगा।
एबीपी न्यूज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वैष्णव ने कहा कि भारत तीन साल में रेलवे प्रौद्योगिकी का निर्यात करने लगेगा, जो लंबे समय तक आयातक रहने के बाद एक बड़ी उपलब्धि होगी।
सीएसएमटी पुनर्विकास परियोजना के बारे में वैष्णव ने कहा, “मार्च के मध्य में ठेका स्वीकृत हो जाएगा। मुंबई में हर विभाग ने इस परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है।”
उन्होंने कहा कि कम जगह की समस्या का सामना कर रहे शहर में बहुत जगह हो जाएगी और लोगों का आना-जाना सरल हो जाएगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पुनर्विकास परियोजना कुछ सालों से कागजों पर ही थी। अडाणी समूह समेत नौ इकाइयां इस परियोजना को लेना चाहती हैं।
वैष्णव ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी हमला करते हुए कहा कि सत्ता में रहने के दौरान उनकी विकास में कोई रुचि नहीं थी। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच हाईस्पीड रेल जैसी परियोजनाओं में एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद तेजी से प्रगति हुई। मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन के लिए 152 किलोमीटर तक खंभे तैयार हो चुके हैं।
वंदे भारत ट्रेन का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इंजीनियर वंदे भारत की 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ते हुए 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली रेलगाड़ी को अपने ही देश में विकसित करना चाहते हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि वंदे भारत ट्रेन प्रणाली का निर्यात भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में भारत रेलवे प्रौद्योगिकी का निर्यात करने लगेगा।
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