नयी दिल्ली, चार अप्रैल भारत ने ताइवान में भूकंप के बाद लापता बताए जा रहे अपने दो नागरिकों से संपर्क स्थापित कर लिया है और वे सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम दो व्यक्तियों से वहां (ताइवान में) भूकंप के मद्देनजर संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अब, हमने संपर्क स्थापित कर लिया है और वे सुरक्षित हैं।’’
ताइवान में बुधवार को शक्तिशाली भूकंप आया था जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और कई लोग दूर-दराज के इलाकों में फंस गये थे। भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गयी है।
ताइवान में आए भूकंप के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को बचावकर्मी लापता लोगों की खोज में जुट हुए हैं।
इस बीच, जायसवाल से कतर से आठवें भारतीय की वापसी की स्थिति के बारे में भी पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। एक बार ये औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी तो वह वापस आ जाएंगे।’’
कतर द्वारा हाल में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को जेल से रिहा किया गया था।
नौसेना के इन पूर्व कर्मियों के खिलाफ जासूसी का आरोप था। हालांकि न तो कतर के प्रशासन और न ही भारतीय अधिकारियों की तरफ से इसको सार्वजनिक किया गया कि इन लोगों के खिलाफ क्या आरोप थे।
नौसेना के पूर्व कर्मियों को 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।
खाड़ी देश की अपीलीय अदालत ने 28 दिसंबर को मृत्युदंड को कम कर दिया था और पूर्व नौसैन्य कर्मियों को तीन साल से लेकर 25 साल तक अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई थी।
निजी कंपनी अल दहरा के साथ काम करने वाले भारतीय नागरिकों को जासूसी के एक कथित मामले में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
पिछले साल 25 मार्च को भारतीय नौसेना के आठ कर्मियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे और उन पर कतर के कानून के तहत मुकदमा चलाया गया था।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को कंबोडिया में आकर्षक नौकरी के अवसरों का वादा करने वाले मानव तस्करों का शिकार बनने के प्रति आगाह किया।
मंत्रालय ने एक परामर्श में दक्षिण पूर्व एशियाई देश कंबोडिया में नौकरी के अवसर तलाश रहे भारतीयों से भावी नियोक्ता की पृष्ठभूमि की पूरी तरह से जांच-परख करने का आह्वान किया।
इसने कहा, ‘‘ऐसा संज्ञान में आया है कि कंबोडिया में आकर्षक नौकरी के अवसरों के फर्जी वादों से आकर्षित होकर भारतीय नागरिक मानव तस्करों के जाल में फंस रहे हैं।’’
मंत्रालय ने परामर्श में कहा कि कंबोडिया में नौकरी के अवसर तलाश रहे भारतीयों को भावी नियोक्ता की पृष्ठभूमि की पूरी तरह से जांच-परख करनी चाहिए।
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