जरुरी जानकारी | ऋण वितरण मंच किसी निजी कंपनी को सौंपने पर विचारः आरबीआई गवर्नर

मुंबई, छह सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक बाधारहित ऋण वितरण मंच का परिचालन किसी निजी कंपनी को सौंपने के बारे में विचार कर रहा है।

रिजर्व बैंक की पहल पर गठित इस मंच के जरिये बैंक 10 मिनट से भी कम समय में किसान क्रेडिट कार्ड जैसे कर्ज बांट रहे हैं।

दास ने यहां ग्लोबल फिनटेक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस क्रेडिट वितरण पहल का नेतृत्व किया है और दैनिक आधार पर इस मंच के समन्वय से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए राज्यों के राजस्व विभागों और उपग्रह डेटा से भूमि रिकॉर्ड तक पहुंचने जैसे बहु-एजेंसी समन्वय की जरूरत होती है।’’

गवर्नर ने कहा, ‘‘इसके पीछे सोच यह है कि हम इसे आखिर में एक खुला मंच बनाना चाहते हैं। हम धीरे-धीरे अलग हो जाएंगे और इसे एक निजी कंपनी को सुपुर्द कर देंगे। आरबीआई ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के मामले में भी यही किया था। यह एक खुला ढांचा होगा जिसमें कोई भी बैंक या एनबीएफसी शामिल हो सकता है।’’

दास के मुताबिक, यह मंच निजी कंपनी को सौंपे जाने के बाद भी बैंक और गैर-बैंक वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) इसके जरिये अपनी ऋण वितरण गतिविधियां जारी रख सकते हैं।

आरबीआई प्रमुख ने कहा कि सितंबर, 2022 में दो राज्यों के चुनिंदा जिलों में प्रायोगिक तौर पर इस मंच का इस्तेमाल शुरू हुआ था। पायलट परीक्षण में कुछ मिनटों में ही 1.6 लाख रुपये तक का गारंटी-रहित कर्ज वितरण होने लगा जबकि पहले छह सप्ताह का समय लग जाता था।

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