देश की खबरें | ‘‘बिकाऊ" नेताओं पर "सुभाषचंद्र बोस के लोकतांत्रिक हथियार" का इस्तेमाल करेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता : पटवारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दल-बदल करते हुए कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले नेताओं पर बिकाऊ होने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी के आंदोलित कार्यकर्ता इन जन प्रतिनिधियों पर "सुभाषचंद्र बोस के लोकतांत्रिक हथियार" का उपयोग करेंगे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर, 24 जुलाई मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दल-बदल करते हुए कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले नेताओं पर बिकाऊ होने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी के आंदोलित कार्यकर्ता इन जन प्रतिनिधियों पर "सुभाषचंद्र बोस के लोकतांत्रिक हथियार" का उपयोग करेंगे।

इंदौर जिले के राऊ क्षेत्र से विधायक पटवारी प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया विभाग के प्रमुख भी हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा,"अब तक व्यवस्थाएं कुछ और थीं। लेकिन अब कांग्रेस के कार्यकर्ता आंदोलित होने लगे हैं। अब (कांग्रेस का) जो भी जन प्रतिनिधि बिकेगा, कांग्रेस कार्यकर्ता उससे हिसाब लेंगे।"

यह भी पढ़े | दिल्ली में आज COVID-19 के 1025 नए मामले सामने आए, 32 की मौत : 24 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, "अगर वे (पाला बदल कर कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले नेता) बातों से नहीं मानेंगे, तो लोकतंत्र का जो दूसरा हथियार होता है…सुभाषचंद्र बोस का…उसका उपयोग किया जायेगा। ऐसे बिकाऊ लोगों को अब कांग्रेस कार्यकर्ता छोड़ेंगे नहीं।"

पटवारी ने हालांकि स्पष्ट नहीं किया कि वह "नेताजी" के रूप में मशहूर आजाद हिंद फौज के प्रमुख के किस लोकतांत्रिक हथियार की बात कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | दिल्ली में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में हुआ गंभीर जलभराव, देखें तस्वीरें.

गौरतलब है कि पखवाड़े भर के भीतर राज्य में कांग्रेस के तीन विधायक-प्रद्युम्न सिंह लोधी (बड़ा मलहरा), सुमित्रा देवी कास्डेकर (नेपानगर) और नारायण पटेल (मांधाता) विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद 230 सदस्यों वाले सदन में विपक्षी कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 89 रह गयी है।

इससे पहले, कांग्रेस के ही 22 बागी विधायकों के पाला बदलकर भाजपा में शामिल होने के बाद 20 मार्च को कमलनाथ सरकार गिर गयी । इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को सूबे की सत्ता में लौट आयी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\