देश की खबरें | कांग्रेस ने प्रौद्योगिकी संस्थानों में रिक्तियों को लेकर सरकार पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 30 जनवरी कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि सात आईआईटी और 22 एनआईटी सहित राष्ट्रीय महत्व के 50 से अधिक संस्थानों में अध्यक्ष नहीं हैं और आरोप लगाया कि सरकार ‘‘सही’’ व्यक्ति को खोजने के लिए ‘‘गलत जगह’’ तलाश रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कई संस्थानों द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद भी सरकार ने रिक्त पदों को नहीं भरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन संस्थानों में विश्व स्तरीय भविष्यवादी शिक्षा प्रदान करने के दावों के बारे में भी याद दिलाया।

खरगे ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्रीय महत्व के 50 संस्थानों में अध्यक्ष नहीं हैं। आपकी सरकार के सत्ता में आने के साल से 10 पद खाली हैं। कई संस्थानों ने सरकार को पत्र लिखा है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आप ‘विश्व स्तरीय भविष्यवादी शिक्षा’ के बारे में बोलते हैं लेकिन ‘मूल बातें’ भूल जाते हैं।’’

कांग्रेस प्रमुख ने ट्वीट कर कहा कि पूर्णकालिक अध्यक्षों के बिना संस्थानों में सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), 22 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और 20 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) शामिल हैं।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि ऐसे 10 संस्थान पिछले आठ से नौ साल से बिना अध्यक्ष के हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए मोदी नीत सरकार की प्रतिबद्धता उजागर हो गई है। आईआईटी (7), एनआईटी (22) और आईआईआईटी (20) में बोर्ड के पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं हैं। दस संस्थानों में, पिछले आठ-नौ साल में कोई अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है।’’

चिदंबरम ने कहा, ‘‘140 करोड़ की आबादी वाले देश में, सरकार ऐसे 50 व्यक्तियों को नहीं ढूंढ सकती है जो इस तरह के संस्थान के अध्यक्ष के रूप में काम कर सकें। मुझे संदेह है कि सरकार ‘सही’ व्यक्ति को खोजने के लिए गलत जगह तलाश रही है।’’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व में एक लिखित जवाब में संसद को बताया था कि आईआईटी और एनआईटी में अध्यक्ष और निदेशकों के 39 पद खाली हैं। आईआईटी और एनआईटी में अध्यक्ष के कई पद खाली पड़े होने की बात को स्वीकार करते हुए प्रधान ने लोकसभा को बताया था कि ‘‘अध्यक्ष और अन्य पदों के लिए चयन एक सतत प्रक्रिया है।’’

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