देश की खबरें | कांग्रेस कर्नाटक को भारत से अलग करने की खुलकर वकालत कर रही : प्रधानमंत्री मोदी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक में 10 मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले अपनी अंतिम प्रचार रैली में रविवार को कांग्रेस पर करारा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह कर्नाटक को भारत से ‘‘अलग करने’’ की खुलकर वकालत कर रही है।
बेंगलुरु/शिमोगा/नंजनगुड (कर्नाटक), सात मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक में 10 मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले अपनी अंतिम प्रचार रैली में रविवार को कांग्रेस पर करारा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह कर्नाटक को भारत से ‘‘अलग करने’’ की खुलकर वकालत कर रही है।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा शनिवार को हुबली में एक चुनावी रैली को संबोधित किये जाने के बाद प्रधानमंत्री ने यह आरोप लगाया।
पार्टी ने एक ट्वीट में उनके भाषण का हवाला देते हुए कहा कि सोनिया ने ‘‘कर्नाटक के 6.5 करोड़ लोगों को एक मजबूत संदेश दिया है।’’ पार्टी ने उनकी तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह जनसभा को संबोधित करते दिख रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सोनिया, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष भी हैं।
ट्वीट में कहा गया, ‘‘कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा पैदा नहीं करने देगी।’’
मोदी ने संभवत: इसका हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ (राष्ट्र विरोधी तत्वों) की बीमारी कांग्रेस में ऊपर तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री ने अपना चुनाव प्रचार संपन्न करते हुए आज बेंगलुरु में एक रोड शो किया और शिमोगा तथा नंजनगुड में दो जनसभाओं को संबोधित किया।
मोदी ने कहा, ‘‘जब देश हित के खिलाफ काम करने की बात आती है, तब कांग्रेस का ‘शाही परिवार’ सबसे आगे रहता है। मैं यहां एक गंभीर मुद्दे के बारे में बोलना चाहता हूं। मैं यह कहना चाहता हूं क्योंकि मेरे दिल में काफी दर्द है। यह देश इस तरह के खेल को कभी माफ नहीं करेगा।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की राजनीति को प्रभावित करने के लिए विदेशी शक्तियों को दखल देने के लिए खुलकर उकसाती है।
मैसुरु जिले के नंजनगुड में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा,‘‘भारत में राज करने के लिए वे विदेशी शक्तियों को उकसाते हैं। ये लोग भारत को पसंद नहीं करने वाले विदेशी राजनयिकों के साथ चुपचाप मिलते हैं। देश को इन सारी बातों का पता है... बार-बार ऐसे अनुचित कार्य में उन्हें कोई शर्मिंदगी नहीं होती है...कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस का शाही परिवार एक कदम और आगे बढ़ गया है...मर्यादाएं तोड़कर आगे बढ़ा है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘केवल कर्नाटक में नहीं, मैं बहुत पीड़ा के साथ इसे पूरे देश से कहना चाहता हूं कि इस चुनाव में कांग्रेस का शाही परिवार कल कर्नाटक आया और कहा कि वे कर्नाटक की संप्रभुता की रक्षा करना चाहते हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कर्नाटक की संप्रभुता, आप जानते हैं कि इसका मतलब क्या है? उन्होंने इतने वर्ष संसद में बिताये हैं, उन्होंने भारत के संविधान की शपथ ली है, और वे ऐसा कह रहे हैं। जब कोई देश आजाद हो जाता है, तब उसे संप्रभु राष्ट्र कहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि कांग्रेस खुलकर कर्नाटक को भारत से अलग करने की वकालत कर रही है।’’
मोदी ने लोगों से पूछा कि क्या वे इसे मंजूर करेंगे और क्या वे ऐसा बयान देने के लिए कांग्रेस को दंडित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कांग्रेस, कर्नाटक को अलग करने की वकालत कर रही है। टुकड़े टुकड़े गैंग की बीमारी कांग्रेस में इतने ऊपर तक पहुंच जाएगी... मैंने कभी सोचा तक नहीं था। कांग्रेस भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले कर्नाटक के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है। कर्नाटक के लोगों का अपमान कर रही है।’’
उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि यह, वह भूमि है जहां राष्ट्र कवि कुवेम्पु ने कहा था कि कर्नाटक, राज्य के राजकीय गान--जय भारत जननीय-- की तरह भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हर कर्नाटक वासी के लिए यह (कर्नाटक) मां की तरह है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक वासियों की भावना समझ सकता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए भाई-भाई को बांट दिया और राज्यों को आपस में लड़ाया तथा देश में जातिगत और सांप्रदायिक आग भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘राजनीतिक प्राण वायु’ पाने के लिए किसी न किसी तरह कर्नाटक की सत्ता में आना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस पाप के लिए यहां के लोग उसे कभी माफ नहीं करेंगे। कांग्रेस को 10 मई को इसका पूरी ताकत से जवाब मिलेगा।
मोदी ने रैली के बाद, यहां के प्रसिद्ध श्रीकांतेश्वर मंदिर की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक में कांग्रेस ने जिस तरह से मुझे गालियां दीं और मेरे ऊपर जहर उगला, भगवान श्रीकांतेश्वर ने उसे सहन करने की मुझे शक्ति दी।’’
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पौराणिक संदर्भ ‘विषपान’ से संबंधित है।
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान दिये गये प्यार व स्नेह के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘इस चुनाव प्रचार में यह मेरा अंतिम कार्यक्रम है और इसके बाद मैं दिल्ली रवाना हो जाऊंगा।’’
मोदी ने 10 मई को लोगों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘मैं यहां प्रचार अभियान समाप्त कर रहा हूं। अब मशाल आप थामिये।’’
इससे पहले, सुबह में प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में भाजपा के लिए प्रचार करते हुए आठ किलोमीटर लंबा रोड शो किया।
बाद में, उन्होंने शिमोगा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपने झूठ को प्रभावकारी होता नहीं देख ‘भयभीत’ पार्टी (कांग्रेस) चुनाव में प्रचार करने के लिए सोनिया गांधी को लेकर आई।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष का नाम लिए बगैर मोदी ने यहां चुनावी रैली में कहा, ‘‘अपने झूठ को प्रभावकारी होता नहीं देख कांग्रेस अब इतना डर गई है कि उसने चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले रहे नेताओं को भी यहां बुला लिया। कांग्रेस ने हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ना शुरू कर दिया है।’’
उल्ल्लेखनीय है कि सोनिया 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से कथित तौर पर अपने स्वास्थ्य कारणों को लेकर चुनाव प्रचार और जनसभाओं को संबोधित करने से दूर रही थीं। उन्होंने इसके बाद से अपनी पहली चुनावी रैली को शनिवार को हुबली में संबोधित किया।
चुनाव परिणाम 13 मई को घोषित किये जाएंगे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2023 10:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

