नयी दिल्ली, 18 मई कांग्रेस ने रविवार को कहा कि वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद विभिन्न देशों में भेजे जाने वाले राजनयिक प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा बनने से किसी को नहीं रोक रही है और सरकार के कहने पर जिन नेताओं के नाम इसमें शामिल किए गए हैं, उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए तथा इस प्रक्रिया में योगदान देना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने सरकार पर प्रतिनिधिमंडलों के लिए नेताओं के चयन की प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने और ‘‘दुर्भावनापूर्ण इरादे’’ रखने का आरोप लगाया, क्योंकि पार्टी द्वारा नामित चार नेताओं में से केवल एक को ही प्रतिनिधिमंडल में जगह दी गई है।
पार्टी ने शनिवार को कहा कि सरकार ने उससे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर भारत का रुख स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए चार नेताओं के नाम देने को कहा था।
कांग्रेस ने आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सैयद नसीर हुसैन और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को नामित किया था।
पार्टी के मुताबिक, इन चारों में से केवल शर्मा को ही विभिन्न देशों का दौरा करने वाले सात प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किया गया है।
चार कांग्रेसी नेता - शशि थरूर, मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद को सरकार ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है जो पार्टी द्वारा भेजी गई सूची का हिस्सा नहीं थे।
रमेश ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हमने जो चार नाम भेजे थे, उनमें से उन्होंने केवल एक नेता को शामिल किया। चार अन्य नाम सरकार ने जोड़े, जो वरिष्ठ सांसद और हमारी पार्टी के नेता हैं, उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए और प्रतिनिधिमंडल में योगदान देना चाहिए।’’
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