इंदौर (मध्यप्रदेश), दो जून देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में कई मामलों में संक्रमितों की मौत की आधिकारिक जानकारी कथित रूप से देरी से दिये जाने को लेकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने मंगलवार को कहा, "जिस तरह इंदौर में कोविड-19 से मरीजों की मौत को लेकर कई मामलों में आधिकारिक जानकारी देरी से दी गयी है, उससे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधा संदेह पैदा होता है। इस संदेह को दूर करने के लिये राज्य सरकार को इन मौतों के बारे में जल्द ही श्वेत पत्र जारी करना चाहिये।"
इससे पहले, कुछ गैर सरकारी संगठन भी आरोप लगा चुके हैं कि स्वास्थ्य विभाग इंदौर जिले में कोविड-19 से हो रही मौतों का खुलासा "अपनी सुविधानुसार" कर रहा है।
इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) एमपी शर्मा ने कहा कि वह कोविड-19 से मरीजों की मौत के संबंधित मामलों में अस्पतालों से पूरी जानकारी लेने के बाद ही इस विषय में कोई टिप्पणी कर सकेंगे।
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान 40 वर्षीय पुरुष ने 13 मई को दम तोड़ा, जबकि 61 वर्षीय महिला और 64 वर्षीय पुरुष ने 31 मई को आखिरी सांस ली।
अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 से मौत के इन तीन मामलों के बाद जिले में इस महामारी की चपेट में आकर दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 138 पर पहुंच गयी है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में कोविड-19 के 31 नये मामले मिले हैं। इसके साथ ही जिले में अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की कुल तादाद 3,539 से बढ़कर 3,570 हो गयी है। इलाज के बाद संक्रमण से मुक्त होने पर अब तक जिले के 2,029 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।
कोविड-19 का प्रकोप कायम रहने के कारण मद्देनजर इंदौर जिला रेड जोन में बना हुआ है। जिले में इस प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी।
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