देश की खबरें | महाराष्ट्र में कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, दो अक्टूबर महाराष्ट्र में शुक्रवार को कांग्रेस ने नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की।

पार्टी ने इन्हें ''काले कानून'' बताते हुए हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया।

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: पूर्व सीएम अखिलेश यादव की मांग, BJP अपने कृत्य छिपाने के लिए DM-SP को हटा सकती है, दोनों पर दर्ज हो FIR.

पार्टी ने एक बयान में कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर कांग्रेस ने 'किसान मजदूर बचाओ दिवस' मनाया और प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने केन्द्र की भाजपा सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए इन्हें ''किसानों को गुलाम बनाने का षड़यंत्र'' करार दिया।

यह भी पढ़े | Sirohi Rape & Murdered Case: राजस्थान के सिरोही में नाबालिग बच्ची से रेप के बाद हत्या, फरार आरोपी गिरफ्तार.

थोराट ने नासिक जिले के लासलगांव में प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के जरिये, कृषि विरोधी कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे दो करोड़ किसानों द्वारा हस्ताक्षर किया गया ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपेगी।

इसके अलावा लोक निर्माण कार्य मंत्री अशोक चव्हाण ने नांदेड़ में बैलगाड़ी मार्च का नेतृत्व किया जबकि मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख, वस्त्र मंत्री असलम शेख और शहर के कांग्रेस अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड़ ने प्रदर्शन किया।

पार्टी ने बयान में कहा कि सांसद राजीव सातव, राज्य के मंत्रियों यशोमति ठाकुर, सुनील केदार, के सी पडवी, विजय वदेत्तीवार, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम ने सूबे के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनों का नेतृत्व किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)