देश की खबरें | कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा शीघ्र बहाल करने के लिए विधानसभा की समिति बनाने की मांग की

जम्मू, पांच मार्च कांग्रेस के मुख्य सचेतक निजामुद्दीन भट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे को उठाने के लिए बुधवार को विधानसभा की एक समिति या सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के गठन की पुरजोर वकालत की।

सदन में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भट ने अपने भाषण में कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी से क्षेत्र को ‘भले की बजाय नुकसान अधिक’ हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सदन को भारत सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय दलों के सामने इस विषय को उठाने के लिए एक समिति का गठन करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं नहीं हो पाये, तो हमें जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस मुद्दे को देश के लोगों के पास ले जाना चाहिए। इस समिति के गठन में सभी की इस विषय को लेकर गंभीरता की परख होगी।’’

भट ने तर्क दिया कि जिस पुनर्गठन अधिनियम के तहत जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया वह केवल एक अस्थायी व्यवस्था थी और संसद में राज्य का दर्जा बहाल करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक संवैधानिक अनिवार्यता है, क्योंकि संविधान सर्वोच्च प्राधिकार है। प्रधानमंत्री और अन्य लोगों के लिए यह नैतिक दायित्व भी है कि वे सदन और अन्य जगहों पर की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें।’’

भट ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस पहल का नेतृत्व करने तथा प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह से मिलने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल नामित करने की अपील की।

उन्होंने उमर अब्दुल्ला के बारे में कहा, ‘‘उनके पास एक बड़ा जनादेश है और वह जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वह इस जिम्मेदारी से पीछे न हटें।’’

भट ने मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह से समय मांगने एवं उनसे बात करने के लिए एक तारीख तय करने को कहा।

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