जरुरी जानकारी | कंपनियां विनिर्माण क्षेत्र में एक दूसरे का समर्थन करें, स्थानीय इकाइयों को बढ़ावा दें: गोयल

नयी दिल्ली, 24 फरवरी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को घरेलू कंपनियों से दक्षिण कोरिया और जापान की तरह विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे का समर्थन करने तथा स्थानीय इकाइयों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

गोयल ने कहा कि दक्षिण कोरिया और जापान भारतीय इस्पात का आयात नहीं करते तथा अपने देश की कंपनियों से ही इसे खरीदते हैं।

उन्होंने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के विनिर्माण सम्मेलन- 2022 में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने और घरेलू विनिर्माण में एक-दूसरे का समर्थन करने के लिये कंपनियों के बीच साझा जिम्मेदारी की आवश्यकता है। कोरिया को देखें। वे भारतीय स्टील विनिर्माता को कोरिया को निर्यात करने की अनुमति नहीं देते हैं। यही वहां की राष्ट्रवादी भावना है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘जापानी कंपनियां भी भारतीय इस्पात की अनुमति नहीं देतीं। वे स्थानीय स्तर पर उत्पादित इस्पात 100 डॉलर प्रति टन महंगा तक खरीद लेंगी...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें अपने देश में भी एक-दूसरे का समर्थन करने, एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने और अपने घरेलू भाइयों और बहनों को बढ़ावा देने के तरीकों और साधनों पर गौर करना चाहिए।’’

गोयल ने बड़ी कंपनियों को एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) के साथ एकीकरण करने और समय पर भुगतान का भी सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने युवाओं को विनिर्माण क्षेत्र में आकर्षित करने को लेकर प्रशिक्षण देने का भी सुझाव दिया।

निर्यात के बारे में उन्होंने कहा कि यह चालू वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर को पार कर जाएगा।

गोयल ने कहा कि फरवरी में निर्यात 30 अरब डॉलर से अधिक होगा।

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